चुनाव नतीजों का विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने विरोध किया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने और गनी का समर्थन करने का आरोप लगाया है। इससे पहले विपक्षी पार्टियों ने कहा था कि अगर आयोग गनी के समर्थन में नतीजों की घोषणा करेगा, तो वे देश में समानांतर सरकार बना लेंगे। अब्दुल्ला समर्थकों का आरोप है कि चुनाव में लगभग 3 लाख वोटों की हेराफेरी हुई।
नतीजे का अफगानिस्तान- तालिबान शांति वार्ता पर असर पड़ सकता है। करीब एक सप्ताह पहले ही अमेरिका और तालिबान के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत अमेरिका ने तालिबान से सात दिन तक हिंसा नहीं करने की शर्त रखी थी। अमेरिका ने कहा है कि अगर ऐसा होता है तो शांति वार्ता के अंतिम मसौदे पर हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान छोड़कर चले जाएंगे। फिलहाल अफगानिस्तान में अमेरिका के 50 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं।