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तालिबान का खौफ: एयरपोर्ट पर ही करा दिए बेटियों के निकाह और भेज दिया विदेश, अमेरिका बता रहा मानव तस्करी

Sat, 04 Sep 2021 11:54 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

निकासी कार्यक्रम में अमेरिका ने अपने मददगारों को ही प्राथमिकता दी और उन्हें परिवार के साथ सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि, अब सामने आया है कि उनके साथ कई ऐसे लोग भी अमेरिका के निकासी केंद्रों में पहुंच गए हैं जो मददगारों के परिवारों का हिस्सा नहीं हैं। 
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अमेरिकी अफसरों ने अपने विदेश मंत्रालय को अफगानिस्तान से संभावित मानव तस्करी को लेकर आगाह किया। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद सबसे ज्यादा खतरा महिलाओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ऊपर माना जा रहा है। वैसे तो तालिबान ने महिलाओं को उनके अधिकार देने की बात कही थी, लेकिन खुद अफगान नागरिकों को इस संगठन की बातों पर भरोसा नहीं है। इसीलिए कई अफगान परिवार अपने घरों को छोड़कर दूसरे देश चले गए। इस बीच खुलासा हुआ है कि जो परिवार अफगानिस्तान छोड़ने में सफल नहीं हो पाए, उन्होंने अपने घर की लड़कियों को देश से निकालने के लिए उनकी शादी एयरपोर्ट पर ही करा दी। वह भी उन लोगों से जिन्हें अफगानिस्तान छोड़ने और दूसरे देश में शरण लेने की इजाजत मिली थी। 
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अमेरिकी अधिकारियों ने इस बारे में अपने विदेश मंत्रालय को अलर्ट किया है। अफसरों का कहना है कि कई परिवारों ने अपनी बेटियों की शादी सीधा एयरपोर्ट पर उन लोगों से करा दी, जिन्हें अमेरिका में शरण लेने की इजाजत मिली थी। इसके जरिए वे परिवार अपनी लड़कियों को तालिबान से बचाकर दूसरे देश पहुंचाना चाहते थे। हालांकि, अब तक जो निरीक्षण कार्यक्रम चला है, उसमें कई लड़कियां और महिलाएं सामने आई हैं जिन्होंने जबरदस्ती शादी की बात कबूली है।

मददगारों को निकालने की थी अमेरिका की योजना

बता दें कि अमेरिका ने बीते एक महीने में सबसे ज्यादा अफगान नागरिकों को रेस्क्यू किया है। इनमें अधिकतर अमेरिकी सेना के मददगार और उनके परिवार हैं। इन लोगों से पहले ही वादा किया गया था कि अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने के साथ ही उन्हें देश में शरण दी जाएगी। निकासी कार्यक्रम के दौरान भी अमेरिका ने अपने मददगारों को ही प्राथमिकता दी और उन्हें परिवार के साथ सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि, अब सामने आया है कि उनके साथ कई ऐसे लोग भी अमेरिका के निकासी केंद्रों में पहुंच गए हैं जो मददगारों के परिवारों का हिस्सा नहीं थे। 

अमेरिकी अधिकारियों ने मीडिया ग्रुप सीएनएन को बताया कि अमेरिका के निकासी कार्यक्रम के तहत अफगानिस्तान से निकाले गए लोगों को पहले दूसरे देशों में रखे जाने की योजना है। इनमें कतर, यूएई और कुछ अन्य नाटो देश शामिल हैं। इन देशों में पहले अफगानों की सख्त जांच किए जाने के निर्देश हैं। यूएई में जारी ऐसी ही जांच के दौरान महिलाओं की जबरदस्ती की गई शादी का वाकया सामने आया। कुछ मामलों में तो यह भी पता चला कि लड़कियों के परिवार ने शादी के लिए उन लोगों को लाखों की रकम भी दी, जिन्हें निकासी कार्यक्रम के तहत अफगानिस्तान से निकाला जाना था। 
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अफगानों की जांच में अमेरिका बरत रहा सावधानी

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर कहा, "हम मानव तस्करी के मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं और पूरी दुनिया में खतरे में पड़े लोगों की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। हम अमेरिकी सरकार और अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी लगातार संपर्क में हैं, ताकि अफगान नागरिकों के संभावित मानव तस्करी के मामलों का पता लगाया जा सके और इसके पीड़ितों को सुरक्षा दी जा सके।"

बताया गया है कि संभावित मानव तस्करी के कुछ मामले सामने आने के बाद अब अमेरिकी अधिकारी अफगान नागरिकों की जांच में काफी सावधानी बरत रहे हैं। फिलहाल अमेरिका इन घटनाओं का शिकार हुई महिलाओं को उन्हीं देशों सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है, जहां उनकी पहचान हो रही है। जबकि जांच में क्लियरेंस पाने वाले लोगों को अमेरिका के सैन्य बेसों में शरण देने की योजना बनाई गई है। 
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