चीन कृत्रिम चांद के बाद अब इस साल कृत्रिम सूरज के निर्माण को पूरा करने की योजना बना रहा है। यह 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक गर्मी पैदा कर सकेगा। कृत्रिम सूरज की टेस्टिंग जारी है। इसे एक्सपेरिमेंटल एडवांस्ड सुपरकंडक्टिंग टोकामक नाम दिया गया है।
इसे बिल्कुल असली सूरज की तरह डिजाइन किया गया है। कृत्रिम सूर्य का प्लाज्मा मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनों और आयनों से बना होता है। यह सौर मंडल के मध्य में स्थित किसी तारे की तरह ही ऊर्जा का भंडार उपलब्ध कराएगा। दरअसल, दुनिया में इस वक्त न्यूक्लियर फिजन (परमाणु संलयन) के जरिए ऊर्जा पैदा की जा रही है।