पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख को इस्लामाबाद की निचली अदालत द्वारा तोशाखाना मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई है। उन्हें उनके जमान पार्क स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद इमरान और उनकी पार्टी पीटीआई के एक्स (ट्विटर) खातों से पोस्ट किए गए वीडियो में इमरान कहते हैं, यह वीडियो जब तक आप लोगों तक पहुंचेगा, वे (सेना समर्थित शहबाज सरकार) मुझे गिरफ्तार कर चुके होंगे। आपको घरों में खामोश नहीं बैठे रहना है। ये सारी जद्दोजहद अपने लिए नहीं कर रहा हूं, बल्कि यह लड़ाई आपके बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए लड़ रहा हूं। अगर आप अपने अधिकारों के लिए आज खड़े नहीं होंगे, तो आपकी पीढ़ियां गुलामी का जीवन जिएंगी और याद रखें गुलामों का कोई जीवन नहीं होता है।
प्रदर्शन करने पर 10 समर्थक गिरफ्तार
लाहौर पुलिस ने इस्लामाबाद सत्र न्यायालय के आदेश पर इमरान की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पंजाब सरकार का कहना है कि लाहौर में छिटपुट प्रदर्शन के अलावा कहीं से किसी बड़े उग्र प्रदर्शन की कोई जानकारी नहीं मिली है।
कहां गए इमरान के उग्र समर्थक
इमरान खान को इससे पहले 9 मई को अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे पाकिस्तान में उनके समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किए। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय सहित 20 से ज्यादा सरकारी व सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया था। हालांकि, इस बार अभी तक किसी हिंसक प्रदर्शन की खबर सामने नहीं आई है। जानकारों की मानें, तो इमरान के ज्यादातर उग्र और प्रभावशाली समर्थक पहले से ही जेलों में बंद हैं। 9 मई को हुई हिंसा के मामले में इमरान की पार्टी के 100 से ज्याद बड़े नेताओं के अलावा 10 हजार से ज्यादा समर्थकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी के खिलाफ आतंक के मामले दर्ज हैं, ऐसे में अब कोई भी इमरान समर्थक यह जोखिम लेने की स्थिति में नहीं है।
पंजाब पुलिस ने इमरान खान को बंदूक की नोंक पर किया अगवा : पीटीआई
पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के इमरान खान की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पार्टी के महासचिव उमैर नियाजी ने शनिवार को कहा, इमरान खान को पंजाब पुलिस ने बंदूक की नोंक पर अगवा किया है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि अदालत का आदेश दिखाए बिना ही इमरान को 200 से ज्यादा पुलिस वाले अगवा कर ले गए। उन्हें किसी अज्ञात जगह पर रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत जरूरी है कि याचिका पर तुरंत सुनवाई की जाए और खान को अदालत में पेश किया जाए। इसके साथ ही पुलिस और सरकार को आदेश दिया जाए कि इमरान खान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं, लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने इमरान की गिरफ्तारी को न्याय की हत्या बताते हुए निष्पक्ष सुनवाई की मांग की है।