थलसेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने आज अमेरिकी सेना की स्ट्राइकर यूनिट, मल्टी डोमेन टास्क फोर्स और स्पेशल फोर्सेज ग्रुप के अधिकारियों से भी चर्चा की और इन फोर्सेस के कामकाज को समझा।
आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे के अमेरिका दौरे का आज आखिरी दिन है। अपने दौरे के चौथे दिन आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे अमेरिकी सेना के 1 कॉर्प्स के मुख्यालय पहुंचे। वहां आर्मी चीफ ने अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और दोनों देशों की सेनाओं के बीच ज्यादा से ज्यादा ट्रेनिंग को लेकर बात हुई।
विज्ञापन
आर्मी चीफ ने अमेरिकी सेना के कामकाज को देखा
थलसेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने आज अमेरिकी सेना की स्ट्राइकर यूनिट, मल्टी डोमेन टास्क फोर्स और स्पेशल फोर्सेज ग्रुप के अधिकारियों से भी चर्चा की और इन फोर्सेस के कामकाज को समझा। भारतीय सेना भी स्ट्राइक यूनिट को खरीदने का विचार कर रही है।
बेहद खास है स्ट्राइकर यूनिट
आठ पहियों वाली बख्तरबंद गाड़ी को स्ट्राइकर कहा जाता है। इस बख्तरबंद गाड़ी में कई आधुनिक हथियार लगे हैं और बीते वर्षों में इसके कई वैरिएंट भी सामने आ चुके हैं। स्ट्राइकर व्हीकल इतना मजबूत है कि यह आईईडी ब्लास्ट में भी जवानों का बचाव कर सकता है। साथ ही इसकी मदद से तेजी से जवानों को किसी जगह पर पहुंचाया जा सकता है। स्ट्राइकर व्हीकल में कम दूरी की एयर डिफेंस मिसाइल, SHORAD, साथ ही इसमें एंट्री ड्रोन और यहां तक कि हेलीकॉप्टर को भी मार गिराने वाले खतरनाक हथियार जैसे हेलफायर मिसाइल भी तैनात की जा सकती है। स्ट्राइकर व्हीकल में लेजर हथियार और 30 एमएम की एयर बर्स्ट कैनन से भी लैस है। जमीन और हवा में दुश्मनों से लड़ने की इस क्षमता के चलते स्ट्राइक व्हीकल को भविष्य का हथियार माना जाता है।