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US: ट्रंप प्रशासन को एक और कोर्ट से झटका, दो ट्रांसजेंडर सैनिकों को हटाने पर लगाई अस्थायी रोक

Tue, 25 Mar 2025 03:52 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फिलाडेल्फिया (अमेरिका)

सार

US: न्यू जर्सी के संघीय जज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश पर दो हफ्ते की रोक लगाई, जिसमें ट्रांसजेंडर सैनिकों को वायुसेना से हटाने की बात कही गई थी। जज ने कहा कि यह नीति भेदभावपूर्ण है और इससे सैनिकों के करियर और सम्मान को नुकसान पहुंचेगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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न्यू जर्सी के एक संघीय जज ने वायु सेना से दो ट्रांसजेंडर सैनिकों को निकालने पर अस्थायी रोक लगा दी है। इससे पहले पिछले हफ्ते वॉशिंगटन के एक जज ने भी ऐसा ही फैसला दिया था। सोमवार को सुनवाई के बाद यूएस डिस्ट्रिक्ट जज क्रिस्टीन ओ'हेर्न ने कहा कि इन दोनों के हटने से उनके करियर और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। 

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जज ओ'हेर्न ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश पर दो हफ्ते तक रोक लगा दी, जिसमें ट्रांसजेंडर लोगों को सैन्य सेवा में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया था। ओ'हेर्न ने पाया कि मास्टर सार्जेंट लोगान आयरलैंड और स्टाफ सार्जेंट निकोलस बेयर बाडे को उनके लिंग के आधार पर अलग किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिवादी इस भेदभावपूर्ण व्यवहार को उचित नहीं ठहरा सकते हैं। जज ने अपने आदेश में लिखा, लिंग पहचान को निशाना बनाने वाली नीति के कारण सैन्य सेवा से हटाया जाना न केवल रोजगार का नुकसान है, बल्कि यह निजी सम्मान, चिकित्सा देखभाल की निरंतरता और सार्वजनिक सेवा में व्यवधान है। 

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पेंटागन ने इस फैसले पर टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। आदेश में कहा गया, दोनों सैनिकों को पहले ही प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है। आयरलैंड को न्यू जर्सी के ज्वाइंट बेस मैकगायर-डिक्स लेकहर्स्ट में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम से और बाडे को कुवैत में तैनाती से हटा दिया गया है। 

कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, आयरलैंड के पास 14 से अधिक वर्षों की सैन्य सेवा का अनुभव है और वह अफगानिस्तान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात में तैनात रह चुके हैं। वहीं, बाडे छह वर्षों से अधिक समय से सेवा में हैं। दोनों सैनिकों को कई पुरस्कार और पदक मिल चुके हैं। 

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जज ने आगे कहा, याचिकाकर्ताओं का जबरन सम्मानजनक सैनिक का दर्जा खोना, सैन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होना और उस नीति के तहत अपने देश की सेवा करने की क्षमता गंवाना, जिसका वे वर्षों से पालन कर रहे थे, केवल पैसे से ठीक नहीं किया जा सकता। 

राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया कि ट्रांसजेंडर सैनिकों की लैंगिक पहचान एक सैनिक की सम्मानजनक, ईमानदार और अनुशासित जीवनशैली के प्रति प्रतिबद्धता से टकराती है, यहां तक कि उनकी निजी जिंदगी में भी। यह सैन्य तैयारियों के लिए नुकसानदायक है। 

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