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'गांधीनगर में पौधरोपण से तापमान में आई गिरावट': अमित शाह बोले- पिछले तीन वर्षों में लगाए गए 1.5 करोड़ पौधे

Sat, 16 May 2026 11:16 PM IST
राकेश कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली।

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि गांधीनगर में 1.5 करोड़ पौधे लगाने से तापमान में 2-3 डिग्री की कमी आई है। उन्होंने वर्ष 2026-27 में बड़े पैमाने पर ग्रीन लोकसभा अभियान चलाने का निर्देश देते हुए स्थानीय पार्षदों को जनसेवा और विकास कार्यों में जुटने का मंत्र दिया।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उनके क्षेत्र में 1.5 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप क्षेत्र के औसत तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने गांधीनगर को हरित लोकसभा क्षेत्र बनाने के लिए वर्ष 2026-27 में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने का आह्वान किया।

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तालाबों का जीर्णोद्धार और झीलों को आपस में जोड़ने पर हुई चर्चा
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र की एक नई पहचान अब पौधरोपण और तालाबों का जीर्णोद्धार बन गया है। इस दौरान ग्रीन लोकसभा-गांधीनगर लोकसभा संकल्प के तहत चल रहे पौधरोपण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के भीतर मौजूद झीलों को आपस में जोड़ने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

अपनी गुजरात यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने यहां कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक और विकास संबंधी बैठकें कीं। इन बैठकों में अहमदाबाद नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षद भी शामिल हुए। यह पार्षद गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घाटलोडिया, वेजलपुर, नारणपुरा और साबरमती विधानसभा क्षेत्रों से चुनकर आए हैं।

शाह ने की एनसीबी की तारीफ
इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनसीबी की बड़ी कार्रवाई की सराहना की है। दरअसल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एनसीबी ने ऑपरेशन रेजपिल के तहत 227.7 किलोग्राम कैप्टागन ड्रग्स जब्त की है। इसे 'जिहादी ड्रग' भी कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 182 करोड़ रुपये है। मामले में एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। 

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चापती कटर मशीन और ऊन के कंटेनर में छिपाया था नशा
केंद्रीय गृह मंत्री ने एक्स पर लिखा कि देश में पहली बार कैप्टागन यानी 'जिहादी ड्रग' की इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई है। यह पूरी खेप पश्चि एशिया भेजी जा रही थी। उन्होंने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल ड्रग ट्रांजिट के रूप में करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एनसीबी के मुताबिक, विदेशी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी से इनपुट मिला था कि भारत के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस इनपुट के आधार पर दिल्ली के नेब सराय में 11 मई को छापेमारी की गई। वहां एक मकान से 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद हुई। तस्करों ने इन नशीली गोलियों को एक कमर्शियल चपाती कटिंग मशीन के भीतर छिपाकर रखा था। इस खेप को सऊदी अरब के जेद्दाह शहर भेजने की तैयारी थी।

यह भी पढ़ें: ₹182 करोड़ का 'जिहादी ड्रग' जब्त: अमित शाह ने ऑपरेशन रेजपिल की दी डेडलाइन, कहा- अब नशे के सौदागरों की खैर नहीं

टूरिस्ट वीजा खत्म होने के बाद अवैध रूप से रह रहा था सीरियाई नागरिक
जांच में पता चला कि गिरफ्तार सीरियाई नागरिक 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। इसके बाद वह अवैध रूप से दिल्ली के नेब सराय में किराये का कमरा लेकर रह रहा था। आरोपी से पूछताछ के बाद एनसीबी ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन में छापेमारी की।

एनसीबी ने 14 मई को मुंद्रा पोर्ट पर एक कंटेनर से 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया। इस कंटेनर को सीरिया से मंगाया गया था। कस्टम डिक्लेरेशन में इसमें भेड़ की ऊन होने की बात कही गई थी। सघन तलाशी के दौरान ऊन के बीच छिपाए गए तीन बोरों से यह ड्रग्स बरामद की गई।
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खाड़ी देशों में भारी मांग
एनसीबी की शुरुआती जांच के मुताबिक, इस खेप को सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में भेजा जाना था। इन देशों में कैप्टागन ड्रग्स का सेवन एक बड़ी कानून व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। जब्त की गई कैप्टागन ड्रग्स में मुख्य रूप से फेनेथिलाइन और एम्फ़ैटेमिन केमिकल शामिल हैं। यह दोनों ही रसायन भारत के एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक पदार्थ हैं।

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