अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विदेश के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत के लिए तैयारी नहीं करते हैं। ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि डोनाल्ड ट्रंप खुफिया एजेंसियों की ओर से तैयार की गई ब्रीफिंग भी नहीं पढ़ते हैं और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ऐसे फोन भी सुन लेते हैं जिनकी पहले से कोई सूचना नहीं होती है।
रिपोर्ट में कह गया है कि डोनाल्ड ट्रंप की ऐसी हरकतों की वजह से कई बार सुरक्षा सलाहकार सकते में पड़ गए, उनको लगता है कि ऐसा करने से राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यह रिपोर्ट वाटरगेट कांड के पत्रकार कार्ल बर्नस्टीन ने तैयार की है। उन्होंने सूत्रों की मदद से ट्रंप के विदेशी नेताओं के साथ सैकड़ों निजी फोन कॉल की डिटेल्स पता करके सीएनएन के लिए एक रिपोर्ट तैयार की।
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंंप अपनी उपलब्धियों और समृद्धि का बखान करते रहते हैं और भ्रमित रहते हैं। ऐसे में कई बार राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप महिला नेताओं का अपमान करते हैं, उन्होंने जर्मन की चांसलर मर्केल को बेवकूफ कहा और उन्हें रूस का अनुयायी बताया।
यही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रेग्जिट पर थेरेसा मे को कमजोर बताया और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैयुनल मैक्रों को ईरान और जलवायु मुद्दे पर मन ना बदलने के लिए लताड़ भी लगाई। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से बातचीत में पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा की बुराई और अपमानजनक बातें भी की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्राध्यक्षों से कहा है कि सभी मुद्दों पर सीधे उनसे बात की जाए, हालांकि एर्दोगन ने ट्रंप की मध्य-पूर्व पर कम जानकारी का फायदा उठाया। डोनाल्ड ट्रंप की सऊदी किंग सलमान, उत्तर कोरिया के किम जोंग उन के साथ खूब जमी क्योंकि वे उपलब्धियों पर ट्रंप की तारीफ करते हैं।
सूत्रों का दावा है कि पुतिन से बातचीत के दौरान ट्रंप का अंदाज थोड़ा अलग होता है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन पश्चिम को तवज्जो ही नहीं देते, ऐसे में ट्रंप को लगता है कि वो पुतिन के सामने खुद को कारोबारी और सख्त व्यक्ति के तौर पर पेश करेंगे तो पुतिन उनका सम्मान करेंगे लेकिन पुतिन ने कई बार बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप को मात दी है।