अमेरिका के एक प्रभावशाली द्विदलीय कांग्रेसनल कॉकस ने कहा कि चीन सीमा पर यथास्थिति बदलने और भारतीय सेना को चुनौती देने के लिए उसके साथ किए समझौतों के विपरीत काम कर रहा है। उसने उम्मीद जताई कि बीजिंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हथियारों के जमावड़े और बुनियादी ढांचे को कम करेगा।
भारत और भारतवंशियों पर कांग्रेसनल कॉकस ने गलवां घाटी में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों के प्रति भी शोक जताया। भारत-चीन सेना के बीच 5 मई से पैंगोंग झील, गलवां घाटी और गोगरा हॉट स्प्रिंग समेत पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आठ हफ्तों से अधिक समय से गतिरोध जारी है। कॉकस के सह-अध्यक्ष सांसद जॉर्ज होल्डिंग और ब्रैड शरमन ने कहा, ‘भारत और भारतवंशियों पर कॉकस के सदस्य होने के नाते हम 15 जून को गलवां घाटी क्षेत्र में एलएसी पर हुई घटनाओं से बेहद निराश हैं।’
उन्होंने अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू को लिखे पत्र में कहा कि पिछले कुछ महीनों में चीनी अधिकारियों ने एलएसी पार करने की कोशिश की जिसके बाद छह जून को एलएसी से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया लागू करने के लिए कूटनीतिक चर्चा हुई। इस पत्र पर सात अन्य सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
ट्रंप बोले, मुझे भारत-चीन के लोगों से प्यार, शांति की कोशिश करूंगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो भारत और चीन के लोगों के लिए शांति बनाए रखने की हर संभव कोशिश करेंगे। बता दें कि पिछले कई हफ्तों से ट्रंप प्रशासन चीन के खिलाफ भारत के समर्थन में सामने आया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनेनी ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा, ट्रंप ने कहा है कि मैं भारत के लोगों से प्यार करता हूं और मैं चीन के लोगों से भी प्यार करता हूं। इससे पहले ट्रंप के शीर्ष आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने भारत को अमेरिका का बड़ा सहयोगी बताते हुए कहा कि ट्रंप और पीएम मोदी के बहुत अच्छे दोस्त हैं।
अमेरिका की जगह लेने की कोशिश नहीं : चीन
ट्रंप प्रशासन के आरोपों जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन, दुनिया में प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे के संदर्भ में आर्थिक महाशक्ति अमेरिका का मुकाबला करने या उसकी जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा है। लेकिन दुर्भावनापूर्ण बदनामी के खिलाफ वाशिंगटन से जरूर लड़ेगा। उन्होंने कहा कि चीन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की हर सूरत में रक्षा करेगा।