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अगाह: अमेरिकी संक्रामक रोग विशेषज्ञ फौसी का दावा, गलत धारणा की वजह से भारत में कोरोना संक्रमण ने पसारे पैर

Wed, 12 May 2021 05:35 PM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

अमेरिका के वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ एंथनी फौसी ने दावा किया है कि भारत में कोरोना संक्रमण को हल्के में लिया गया , जिससे संक्रमण तेजी से बढ़ा। अगर सरकार इसे गंभीरता से लेती तो स्थिति नियंत्रण में होती ।
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका के वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ एंथनी फौसी ने दावा किया है कि भारत में कोरोना संक्रमण को हल्के में लिया गया , जिससे संक्रमण तेजी से बढ़ा। अगर सरकार इसे गंभीरता से लेती तो स्थिति नियंत्रण में होती और जितने लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं, उसपर भी काबू पाया जा सकता था। डॉ फौसी ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत ने “गलत धारणा” बनाई कि कोविड-19 वैश्विक महामारी खत्म हो गई और समय से पहले लॉकडाउन समाप्त कर दिया। भारत अगर कुछ समय तक पाबंदियां नहीं हटता तो आज यह भयावह हालात नहीं होते। बता दें कि भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित है। कई राज्यों में  टीकों, ऑक्सीजन, दवाओं और बिस्तरों की  भारी किल्लत हो गई हैं।

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फाउची ने कोविड-19 प्रतिक्रिया पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान सीनेट की स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम एवं पेंशन समिति से कहा, “भारत अभी जिस गंभीर संकट में है उसकी वजह यह है कि वहां कोरोना खत्म नहीं हुआ था और उन्होंने गलत धारणा बनाई कि वहां यह समाप्त हो गया है और हुआ क्या, उन्होंने समय से पहले सब खोल दिया और अब ऐसा चरम वहां देखने को मिल रहा है जिससे हम सब अवगत है कि वह कितना विनाशकारी है।” डॉ फौसी अमेरिका के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिजीजेज’ (एनआईएआईडी) के निदेशक हैं और राष्ट्रपति जो बाइडन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार भी हैं।

अमेरिका दूसरे देशों को भेज रही वैक्सीन
सुनवाई की अध्यक्षता कर रही, सीनेटर पैटी मुर्रे ने कहा कि भारत में हाहाकार मचा रही कोविड-19 की लहर इस बात की दर्दनाक याद दिलाती है कि अमेरिकी यहां तब तक वैश्विक महामारी को समाप्त नहीं कर सकते जब तक कि यह सब जगह समाप्त न हो जाए। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि बाइडन प्रशासन विश्व स्वास्थ्य संगठन में फिर से शामिल होकर वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है और चार जुलाई तक छह करोड़ एस्ट्राजेनेका टीके दूसरे देशों को देने की का  वादा किया गया है।
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अमेरिका की 34 फीसदी आबादी को लग चुका है टीका
फौसी ने कहा कि एक और सबक जो हमें सीखने की जरूरत है कि यह वैश्विक महामारी है , जिसे वैश्विक प्रतिक्रिया की जरूरत है और हर किसी को जिम्मेदारी की तरफ ध्यान देना होगा कि यह सिर्फ अपने देश के प्रति नहीं है बल्कि दूसरे देशों के साथ इस लड़ाई को खत्म करने में सहयोग करें। खासकर टीके मामले में सभी को साथ रहने की आवश्यकता है। इस बीच, रोग नियंत्रण एवं बचाव केंद्र (सीडीसी) के आंकड़ों के मुताबिक देश की 58 प्रतिशत आबादी को टीके की पहली खुराक और करीब 46 प्रतिशत आबादी को दूसरी खुराक दी जा चुकी है। वहीं, 34 प्रतिशत अमेरिकी आबादी को पूरी तरह टीका लग चुका है। फौसी ने अनुमान जताया कि देश को पूरी तरह सुरक्षित होने के लिए 70 से 85 प्रतिशत आबादी में टीका लगाने की जरूरत है।

उन्होंन कहा, “क्योंकि अगर दुनिया के किसी भी हिस्से में वायरस का प्रकोप जारी रहता है तो यहां अमेरिका में भी उसका खतरा है । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार तक के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोविड-19 से एक दिन में रिकॉर्ड 4,205 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या 2,54,197 हो गई जबकि कोरोना संक्रमण के 3,48,421 नए मामले सामने आए।

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