ईरान में 20 वर्षीय अलीरेजा फाजिल मोनफार्ड की उसके भाइयों ने ही मौत के घाट उतार दिया। अलीरेजा को ईरानी सेना ने समलैंगिक होने के कारण सैन्य सेवा से छूट दे दी थी। उसके समलैंगिक रिश्तों की वजह से उसके भाई नाराज थे। उन्हें उसका लैंगिक व्यवहार पसंद नहीं था।
अलीरेजा को को उसके परिवार के तीन सदस्य चकमा देकर पश्चिम ईरान के बोरूमी गांव ले गए और वहां उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं हत्या के बाद तीनों ने अलीरेजा की मां का फोन कर कहा कि हमने उसका खात्मा कर दिया है।
तुर्की जाकर अपने पार्टनर के साथ रहना चाहता था
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अलीरेजा ईरानी सैन्य सेवा से छूटकारा पाकर तुर्की जाना चाहता और वहां अपने समलैंगिक पार्टनर अघिल अब्यात के साथ रहना चाहता था। ईरान के लेस्बियन एंड ट्रांसजेंडर नेटवर्क '6 रंग' ने यह जानकारी दी। अलीरेजा ने मंगलवार शाम सात बजे आखिरी बार अपनी मां से फोन पर बात की थी। इसके बाद बुधवार को उसकी मौत की खबर मिली।
दो सौतेले भाई व एक अन्य गिरफ्तार
ईरानी मीडिया के अनुसार पुलिस ने अलीरेजा की हत्या के मामले में उसके दो सौतेले भाइयों व एक कजिन को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
सौतेल भाई से संबंध से खफा थे दूसरे भाई
कहा जाता है कि मृतक अलीरेजा के सौतेल भाई से भी समलैंगिक संबंध थे। यह बात उसके दूसरे भाइयों को नागवार गुजरती थी। वे उसके लैंगिक व्यवहार, कपड़े पहनने के ढंग आदि से भी नाराज थे। इससे उनके परिवार को शर्म महसूस होती थी। इसलिए उन्होंने मौत के घाट उतार दिया।
मोबाइल बेचकर तुर्की जाने वाला था
खबरों में कहा गया है कि अलीरेजा के पास तुर्की जाने के भी पैसे नहीं थे, इसलिए वह अपना मोबाइल फोन बेचकर वहां जाना चाहता था। उसका एक आडियो टेप भी मीडिया में आया है, जिसमें उसने अपने परिवार से ही खतरा होने की बात कही थी।