अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि जीका वायरस के खिलाफ तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इस वायरस से पीड़ित गर्भवती महिलाओं से जन्म लेने वाले शिशुओं का मस्तिष्क पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये वायरस दक्षिण और उत्तर अमरीकी महाद्वीपों के लगभग सभी क्षेत्रों में फैल सकता है। ये पहले ही 21 कैरेबियाई, उत्तर और दक्षिण अमेरिकी देशों में फैल चुका है। इस वायरस के लक्षणों में बुख़ार होना, कनजंक्टिवाइटिस और सिरदर्द शामिल हैं।
डॉक्टर इस बात को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं कि ये वायरस गर्भ में पल रहे बच्चों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ब्राजील में इस वायरस का असर सबसे ज़्यादा देखने को मिल रहा है जहां शिशु सामान्य से छोटे सिरों के साथ पैदा हो रहे हैं।
वहीं कई मध्य और दक्षिण अमरीकी देशों में महिलाओं से कहा जा रहा है कि वो अभी गर्भवती न हों। ब्राजील में अक्तूबर से अब तक इस वायरस से जुड़े सबसे ज्यादा 3,893 मामले सामने आए हैं। इसी अवधि में एक साल पहले कुल 160 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे।