अमेरिका का कहना है कि वह आतंकवाद की उन पनाहगाहों को खत्म करने के लिए क्षेत्र के देशों के साथ काम करना जारी रखेगा, जो भारत के समक्ष भी खतरा पेश करती हैं। हालांकि, वह कांग्रेस के उस विधेयक पर टिप्पणी करने से बचता रहा, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका को पाकिस्तान को एक ‘आतंकी देश’ घोषित कर देना चाहिए।
अमेरिका ने कश्मीर के मुद्दे समेत भारत और पाकिस्तान के बीच के विभिन्न मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा तनाव को कम करने के लिए ‘सार्थक वार्ता’ का भी आह्वान किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने लेकिन, कांग्रेस के उस विधेयक पर टिप्पणी नहीं की, जो कहता है कि अमेरिका को पाकिस्तान को एक ‘आतंकी देश’ घोषित करना चाहिए।
जब किर्बी से पूछा गया कि क्या सरकार कांग्रेस में एक विधेयक और एक ऑनलाइन याचिका का समर्थन करेगी, जो कहती है कि अमेरिका को पाकिस्तान को ‘आतंकी देश’ घोषित करना चाहिए तो उन्होंने कहा, ‘मैंने खासतौर पर ऐसे किसी विधेयक के बारे में कुछ नहीं देखा है और निश्चित तौर पर हम ऐसा (समर्थन) नहीं करते। इस संदर्भ में जो भी लंबित विधेयक आने वाला हो, मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘हम जो... मैं जो क्षेत्र में मौजूद साझा खतरे, साझी चुनौती की बात कहूंगा... निश्चित तौर पर यह भारतीय लोगों के लिए भी खतरा है। हम कहेंगे कि हम पाकिस्तान, अफगानिस्तान के साथ काम जारी रखने वाले हैं।