अमेरिकी संसद में बजट को लेकर जारी गतिरोध के चलते सरकारी कामकाज का एक बड़ा हिस्सा ठप पड़ा है। राष्ट्रीय पार्कों और स्मारकों पर बंदी की सूचना लगी है।
इस बंदी के कारण अमेरिका में कई ऐसी बातें देखने को मिल रही हैं, जिसकी आम दिनों में कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
आइए देखते हैं कि अमेरिका में आजकल ऐसा क्या हो रहा है, जो हैरत में डालने वाला है।
एक आदमी के भरोसे कनाडा की सीमा
यह सीमा करीब नौ हजार किलोमीटर लंबी है। इस सीमा पर कास्ट आयरन के बने और पांच फुट ऊंचे लगभग 8,000 खंभे लगे हैं।
इनकी साफ सफाई की जिम्मेदारी आठ फील्ड अधिकारियों के ऊपर है। कामबंदी के चलते इनमें से सात को छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया है।
अब सिर्फ एक अकेले इंसान के ऊपर करीब नौ हजार किलोमीटर लंबी सीमा की साफ-सफाई की जिम्मेदारी है।
दोनों विश्व युद्ध में करीब सवा लाख अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी। उन्हें दुनिया भर के करीब 24 कब्रिस्तानों में दफनाया गया है। इनमें से 20 यूरोप में हैं। अमेरिकी युद्ध स्मारक आयोग की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक इन सभी कब्रिस्तानों को बंद कर दिया गया है।
विदेश नीति पर असर
राजनीतिक मामलों का प्रभार रखने वाली अमेरिकी उप-विदेश मंत्री वेन्डी शेरमेन ने कहा है कि ईरान पर प्रतिबंधों को लागू कराने की क्षमता काफी हद तक बाधित हुई है।
उन्होंने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सामने गुरुवार को कहा कि, "ध्यान रहे, प्रतिबंधों को लागू कराने की हमारी क्षमता कामबंदी से काफी हद तक प्रभावित हुई है।"
इससे पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी एशिया यात्रा रद्द कर चुके हैं।
सैन्य बेस फोर्ट कैंपबेल की दुकान में सोमवार को भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों को लगा की कामबंदी से ये दुकानें भी बंद हो सकती है। इसलिए ग्राहकों ने जल्दी जल्दी ट्राली भर कर मांस खरीद लिया।
प्रतिष्ठित 'ग्राइंडस्टोन 100 रेस' को टाल दिया गया है क्योंकि यह एक राष्ट्रीय पार्क से होकर गुजरती है। इस दौड़ में चोटी के 200 एथलेटिक्स 100 मील लंबी दौड़ लगाते हैं।
इस बात से खेल प्रेमी काफी निराश हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑफर
वॉशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन म्यूजियम बंद है। इसलिए आजकल पर्यटक निजी संग्रहालयों और दीर्घाओं का रुख कर रहे हैं। इन स्थानों में आने वाले दर्शकों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गई है।
कैफे और रेस्त्रां में कामबंदी का शिकार हुए सरकारी कर्मचारियों को लिए विशेष पेशकश की जा रही है। उनके लिए कई तरह के ऑफर मौजूद हैं।
बंदी से संबंधित स्लोगनों वाली टी-शर्टी की बिक्री बढ़ गई है।
आयोवा के डेस मोइनेस में स्थित रेगम नाम के ब्रांड ने देरी न करते हुए तुरंत कामबंदी से संबंधित टी-शर्ट और शर्ट को बाजार में उतार दिया है। इन पर लिखा है "दि शटडाउन 2013- नो प्रोडक्टिविटी, नो मर्सी।" यानी न उत्पादन और न ही दया।
अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान में कैंसर की दवा सहित कई दूसरी दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल को रोक दिया गया है।