अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में एक कार को पकड़ने की कोशिश के दौरान अमेरिकी संसद के नजदीक गोलीबारी हुई और हंगामा मच गया। इस घटना में एक महिला की मौत हुई है जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
स्थानीय पुलिस अधिकारी किम डाइन ने घटना के पत्रकारों को बताया कि इस घटना का "आतंकवाद" के साथ कोई लेना देना नहीं था।
डाइन ने बताया कि इस घटना में एक पुलिस अधिकारी घायल हुआ है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इस घटना को हादसा भी नहीं मान रही है।
दो हफ्ते पहले ही वाशिंगटन नेवी यार्ड पर हुई शूटिंग में बारह लोग मारे गए थे।
पुलिस के मुताबिक स्थानीय समयानुसार दोपहर दो बजकर बारह मिनट पर काली सेडान कार में सवार एक महिला ने व्हाइट हाउस की बाहरी चारदिवारी को लाँघने की कोशिश की। महिला ने अपनी कार कैपिटल की ओर दौड़ा दी। पुलिस की गाड़ियाँ पीछे लग गईं।
महिला ने कैपिटल के पश्चिमी लॉन के बाहर लगे बैरियर भी लाँघने की कोशिश की। टीवी पर प्रसारित घटना के वीडियो में हथियारों से लैस पुलिस अधिकारी कार को घेरे हुए दिख रहे हैं। अधिकारियों द्वारा गोली चलाने पर महिला कार भगा देती है।
पीछा करने की कार्रवाई के दौरान पुलिस की एक कार भी बैरियर से टकरा गई और महिला की कार ने अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के एक वाहन को टक्कर भी मार दी।
पुलिस के अनुसार ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों और कैपिटल पुलिस ने दो स्थानों पर कार पर फायरिंग की । फायरिंग में महिला की मौत हो गई। पुलिस इस महिला की पहचान के बारे में मौन है।
पुलिस ने महिला की कार से एक साल के एक बच्चे को भी सुरक्षित निकाला है। बच्चा फिलहाल पुलिस के पास है।
गोलीबारी की आवाज़ आते ही अमेरिकी राजधानी का पूरा सुरक्षा तंत्र सक्रीय हो गया और संसद के कर्मचारियों को हिदायत दी गयी कि वो खिड़की दरवाज़े बंद कर लें।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पूरी घटना के बारे पल पल की जानकारी दी गई।
संसद के पास मौजूद पत्रकारों, संसद कर्मर्चारियों और पर्यटकों को संसद के परिसर के अंदर शरण लेने के लिए कहा गया।
एक चश्मदीद ने बीबीसी को बताया कि उसने 10-12 गोलियों की आवाजें सुनीं।
गोलीबारी के वक़्त कुछ अमेरिकी सांसद इमारत के बाहर थे। अमेरिकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इन लोगों ने पुलिस को एक कार का पीछा करते हुए इमारत के सामने आ कर रुकते देखा।
सांसद बॉब केसी ने अख़बार को बताया,"मैंने गोलियों की आवाज़ सुनी और हमें झुकने को कहा गया।"
संसद के कर्मचारियों को एक ई-मेल में हिदायत दी गयी की वो खिड़कियाँ दरवाज़े बंद कर लें।