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अमेरिकी सीनेटरों की मांग, कहा- पाकिस्तान पर रखी जाए 'खास नजर'

Sat, 28 Oct 2017 06:01 PM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन
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अमेरिका के छह प्रभावी सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री से पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के मुद्दे पर ‘विशेष चिंता का विषय वाला देश’ नामित करने की मांग की। सीनेटरों का कहना है कि पाक में भेदभाव वाले कानून के जारी रहने का परिणाम आस्था वाले लोगों के मुकदमे के रूप में सामने आ रहा है। 
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सीनेटर बॉब मेनेडेज, मार्को रुबियो, क्रिस कून्स, टॉड यंग, जेफ मर्कले और जेम्स लैंकफोर्ड ने विदेश मंत्री टिलरसन को एक पत्र लिखा है। यह पत्र 13 नवंबर की उस अंतिम सीमा से पहले लिखा गया है जिसके अंतर्गत विदेश विभाग को ‘विशेष चिंता का विषय वाला देश’ (सीपीसी) के संबंध में कांग्रेस को अधिसूचित करने की जरूरत है। 

सीनेटरों ने पत्र में लिखा, ‘पाकिस्तान की सरकार लगातार संस्थागत रूप से आक्रामक और मौजूदा धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन को बर्दाश्त करने के साथ ही बढ़ावा दे रही है। 
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भेदभावपूर्ण संवैधानिक प्रावधान और कानून जिसमें ईशनिंदा और अहमदिया विरोधी उपाय शामिल हैं, के परिणामस्वरूप लोगों को अपनी आस्था के कारण कैद व मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।’ 

इसमें कहा गया है कि वर्तमान में ईशनिंदा के लिए कम से कम 40 लोग मौत या उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं। पाक में ईसाई, हिंदू, अहमदी और शिया मुस्लिमों जैसे धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को आतंकी संगठनों और अन्य सामाजिक तत्वों द्वारा प्रेरित सांप्रदायिक हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है। 
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