भारत के साथ कुछ महत्वपूर्ण रक्षा सौदों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अमेरिका काफी उत्सुक है क्योंकि इसके बाद ट्रंप प्रशासन के लिए उसके साथ गोपनीय सूचनाएं साझा करना और एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमानों की बिक्री करना आसान हो जाएगा।
दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों की कार्यवाहक उपमंत्री एलिस जी वेल्स ने बताया कि ट्रंप प्रशासन पिछले महीने ही कांग्रेस को यह बता चुका है कि वह भारत को एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमान बेचने का पूरा समर्थन करता है और यह प्रस्ताव दोनों देशों के रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
इससे दोनों के बीच एक रक्षा प्रौद्योगिकी साझेदारी पैदा होगी, जिसकी भारत मांग भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात से उपजी समझदारी को आगे बढ़ाना चाहते हैं।