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अमेरिका: बंदूकों पर लगाम लगाने का प्रस्ताव

Thu, 17 Jan 2013 11:00 AM IST
बीबीसी हिंदी
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बंदूकों के इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए नए प्रस्ताव सामने रखे हैं।
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पिछले दो दशकों में ये सबसे व्यापक प्रस्ताव है और इन प्रस्तावों के बाद ही ओबामा और बंदूक रखने का अधिकार रखने के कानून की वकालत करने वाले समूह आमने-सामने आ गए हैं।

इन प्रस्तावों में हथियारों और उच्च क्षमता वाली गोलियों पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ बंदूक खरीदने वाले लोगों की पृष्ठभूमि की जांच करना शामिल है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति ओबामा ने इसी मुद्दे पर 23 ऐसे फैसले लिए हैं जिसके लिए अमरीकी संसद की सहमति की जरुरत नहीं है।

पिछले महीने कनेक्टीकट राज्य में एक बंदूकधारी ने न्यूटाउन के सैंडी हुक एलिमेन्टरी स्कूल में 26 लोगों को गोलियों से भून डाला था। इस हमले में मारे जाने वालो में 20 बच्चे और छह लोग शामिल थे। इसके बाद से वहां बंदूकों की आसानी से उपलब्धता पर सवाल उठने लगे थे।
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प्रस्ताव
इस हमले के बाद बराक ओबामा को कई बच्चों ने चिट्ठी भी लिखी थी। बुधवार को व्हाइट हाउस में इन प्रस्तावों को पेश करते समय ये बच्चे भी वहां मौजूद थे।

इस घटना के एक महीने बाद बराक ओबामा ने कहा कि बंदूक के इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए तुरंत काम करना होगा। उनका कहना था कि इस हिंसा को कम करने के लिए हम ये एक काम तो कर ही सकते हैं, अगर एक जिंदगी बचाई जा सकती है तो हमारा दायित्व है हम इसके लिए कोशिश करें।''

लेकिन अमेरिका में बंदूक रखने की वकालत करने वाले समूह नेशनल राइफ़ल एसोसिएशन का कहना है कि हमारा देश जिस तरह के संकंट को झेल रहा है उसे देखते हुए ये प्रस्ताव कोई समाधान नहीं पेश करता।

इस समूह ने वक्तव्य जारी करके कहा कि इन प्रस्तावों से बंदूक रखने वाले केवल ईमानदार और कानून का पालन करने वाले लोगों पर ही प्रभाव पड़ेगा और हमारे बच्चे ऐसी त्रासदियों में असुरक्षित ही रहेंगे।

ओबामा ने संसद से अपील की वो सेना के इस्तेमाल में आने वाले घातक हथियारों, जिनका पिछली शूटिंग में इस्तेमाल किया गया था उनकी खरीदारी पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाए।

मुश्किल
गोलियों की संख्या कम करने और सुरक्षा कवच को भेद कर जानी वाली गोलियों को रखने और उनकी ब्रिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए।

जो भी व्यक्ति हथियारों की तस्करी करता है उस पर सख्त जुर्माना लगाया जाए विशेषतौर पर उन गैर लाइसेंसधारी डीलरों के खिलाफ जो अपराधियों के लिए ये खरीदते हैं।

लेकिन इन प्रस्तावों को पेश करते हुए उन्होंने ये भी माना कि इन पर संसद में सहमति पाने के लिए काफी विरोध का सामना भी करना पड़ेगा। उनका कहना था कि ये काफी मुश्किल होगा।
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अगर आकड़ों को देखा जाए तो अमेरिका में बंदूक रखने वालों की दर दुनिया में सबसे ज्यादा है। अमेरिकी संविधान में किए गए दूसरे संशोधन के मुताबिक लोगों के बंदूक रखने के अधिकार है और उसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
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