अमेरिका का वो आतंकवाद निरोधक कानून खत्म हो गया है जिसके तहत सरकारी एजेंसियां अमेरिकी नागरिकों का फोन टैप कर डाटा जान सकती थीं और उन पर निगरानी भी रख सकती थीं।
पेट्रियट एक्ट के नाम से चर्चित ये कानून अमेरिकी सीनेट में सहमति नहीं बन पाने के कारण खत्म हो गया है।
आतंक विरोधी व्यवस्था से जुड़े इस कानून पर सहमति न बनने को व्हाइट हाउस ने 'भारी चूक' बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बयान में कहा- "एक ऐसा मसला जो देश की सुरक्षा जितना ही नाजुक है, उस पर सभी सीनेटरों को अपने दलगत हितों से उपर उठ कर फौरन कार्रवाई करनी चाहिए थी।"