अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे शक्तिशाली और अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर विकसित किया है। समिट नाम का यह सुपरकंप्यूटर 2,00,000 ट्रिलियन से भी अधिक कैल्कुलेशन प्रति सेकंड कर सकता है। इसकी मदद से वैज्ञानिकों को ऊर्जा, एडवांस्ड मैटीरियल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में अनुसंधान करने में जबर्दस्त कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान होगी। समिट कुछ वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए प्रति सेकंड 300 करोड़ अरब सटीक कैल्कुलेशन करने में भी सक्षम है।
अमेरिका के ऊर्जा विभाग के ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी (ओआरएनएल) में इसे तैयार किया गया है। समिट ओआरएनएल द्वारा बनाए गए पिछले सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर टाइटन से भी आठ गुना अधिक शक्तिशाली है। इतना ही नहीं इसने दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर तियान्हे-2 को भी पीछे छोड़ दिया है। तियान्हे-2 चीन का सुपरकंप्यूटर है और एक सेकंड में 33 हजार 860 ट्रिलियन कैलकुलेशन करता है।
ऊर्जा मंत्री रिक पैरी ने कहा, समिट वैज्ञानिकों को नई चुनौतियों, खोज में तेजी, नवाचार को बढ़ावा देने और इस से भी बढ़कर अमेरिकी लोगों को लाभ पहुंचाने में सहायक होगा।
4608 कंप्यूट सर्वर लगे हैं समिट में
समिट आईबीएम एसी922 सिस्टम है, जिसमें 4608 कंप्यूट सर्वर लगे हुए हैं। प्रत्येक सर्वर में दो 22-कोर पावर9 प्रोसेसर और छह एनवीआईडीआईए टेस्ला वी100 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट ऐक्सेलरेट लगे हैं, जो डुअल-रेल मेलानॉक्स ईडीआर 100 जीबी/एस इनफिनिबैंड से इंटरकनेक्टेड हैं।
समिट में डाटा मूवमेंट के लिए हाई-बैंडविथ पथवे के अलावा 10 से अधिक पेटाबाइट्स मेमोरी जोड़ी गई हैं। इससे डाटा मूवमेंट बहुत तेजी से होता है। इन्हीं खूबियों से यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर बनकर उभरा है।