कुछ दिनों पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन के बीच ऐतिहासिक वार्ता हुई थी। जिसके बाद किम ने अमेरिका के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए परमाणु हथियारों को नष्ट करने की बात मान ली थी। अब ट्रंप का कहना है कि यदि दोनों नेताओं के बीच हुई शांति वार्ता विफल हो जाती है तो वह तुरंत युद्धाभ्यास शुरू कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐसा नहीं होगा।
एक रिपोर्ट के अनुसार
डोनाल्ड ट्रंप ने किम के साथ अपने सैन्य अभ्यास को रोकने के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि इस तरह के युद्धाभ्यास काफी मंहगे होते हैं। उन्होंने लगातार ट्वीट करते हुए कहा कि किम के साथ हुई मुलाकात के दौरान युद्धाभ्यास को रोकने का विचार उनका था। उन्होंने कहा, 'बातचीत के दौरान युद्धाभ्यास को रोकने का अनुरोध मैंने किया था क्योंकि वे काफी खर्चीले होते हैं। ये काफी भड़काऊ भी हैं। इसे वार्ता विफल होने पर तुरंत शुरू कर दूंगा। जिसकी मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा।'
इस हफ्ते की शुरुआत में जब ट्रंप का यह निर्णय सार्वजनिक हुआ तो उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने फैसला लिया है कि वह जापान और दक्षिण कोरिया के साथ पेनिनसुला में होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास पर रोक लगाएंगे। अपने दूसरे ट्वीट में ट्रंप ने कहा, 'उत्तर कोरिया द्वारा
परमाणु हथियार नष्ट करने की डील की सराहना पूरे एशिया में हुई है। वह बहुत खुश हैं। यहां हमारे देश में भी लोग इस ऐतिहासिक डील को ट्रंप की असफलता के तौर पर देख रहे हैं जबकि इससे लाखों लोगों की जिंदगियां बच गईं।'
बता दें कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सिंगापुर में हुई मुलाकात सफल बताई गई थी। किम ने ट्रंप को प्योंगयांग आने का न्योता दिया था तो वहीं बदले में अमेरिका की यात्रा करने पर भी सहमति जताई थी। दोनों नेताओं के बीच हुई इस वार्ता को दक्षिण कोरिया ने ‘सदी की वार्ता’ करार दिया था।