अधिक ऊर्जा की आवश्यकता वाले भारत को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन प्राकृतिक गैस के बड़े निर्यात की अनुमति दे सकता है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग में ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख भूमिका रहेगी।
अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप एक सरकारी आदेश पर दस्तखत करने जा रहे हैं। इस आदेश के जरिये पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की जलवायु परिवर्तन पर पुराने करार को समाप्त किया जा सकेगा।
अधिकारी ने कहा कि अभी तक जलवायु परिवर्तन पर पेरिस करार को लेकर प्रतिबद्धता पर कोई फैसला नहीं किया गया है। कुछ यही स्थिति अमेरिका के भारत सहित अन्य देशों के साथ स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर सहयोग को लेकर भी है। अधिकारी ने हालांकि कहा कि भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय सहयोग में ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख भूमिका होगी।