अमेरिका ने एक तरफ ईरान पर नये सिरे से प्रतिबंध लगाते हुए साइबर हमले में जिम्मेदार आईआरजीसी की मदद करने वाली 11 इकाइयों और लोगों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है और दूसरी तरफ ईरान परमाणु समझौते को भी खत्म करना चाह रहा है।
समझौते की समयसीमा समाप्त होने पर ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि यह सबसे बुरे समझौतों में से एक है। हालांकि इस समझौते पर अपने फैसले की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति अक्टूबर में करेंगे, लेकिन उनका प्रशासन इसकी समीक्षा में जुट गया है।
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ट्रंप ने फ्लोरिडा की यात्रा के दौरान विमान में संवाददाताओं से कहा कि यह समझौता कभी नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आपको जल्द ही अक्टूबर में पता चल जाएगा कि मैं क्या करने जा रहा हूं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह क्या कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने संवाददाताओं को बताया कि हम लगातार ईरान सरकार की लापरवाही और दुर्भावना से भरा रवैया देख रहे हैं। हम इसे खतरनाक मानते हैं।
मुझे लगता है कि लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि सरकार कितनी भी बुरी हो लेकिन लोग नहीं। इससे पहले लंदन में विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने भी कहा था कि ईरान नीति की समीक्षा की जा रही है। ट्रंप प्रशासन को संदेह है कि ईरान समझौते की शर्तों को पूरा नहीं कर रहा है।