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महिला भेदभाव को लेकर गूगल पर केस, कंपनी की 3 पूर्व कर्मचारियों ने लगाया आरोप

Sat, 16 Sep 2017 08:18 AM IST
amarujala.com- Presented by: देव कश्यप
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गूगल में काम कर चुकी तीन महिलाओं ने कंपनी पर वेतन विसंगतियों को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि सर्च इंजन की बादशाहत संभाले इस कंपनी में महिला और पुरुष कर्मचारियों के बीच भेदभाव किया जाता है।
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कंपनी में एक ही तरह के पद अथवा काम के लिए पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम वेतन दिया जाता है। सेन फ्रांसिस्को स्थित कैलिफोर्निया सुपीरियर अदालत में दर्ज इस मुकदमे में अभियोग पक्ष के मुताबिक गूगल को खुद भी महिला-पुरुष के बीच इस वेतन विसंगति की जानकारी है, लेकिन इसे दूर करने में वह विफल रहा है।

कानूनी फर्म लीफ कैब्रासर हेमैन एंड बर्नस्टीन के केली एम. डेर्मोडी ने कहा कि ‘गूगल एक बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी है लेकिन यहां महिला कर्मचारी आज भी 21वीं सदी में प्रवेश नहीं कर पाई हैं।’
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उन्होंने कहा कि ‘यह मामला गूगल में महिलाओं के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहता है।’ गूगल प्रवक्ता जीना सिग्लियानो ने कहा कि ‘कंपनी इस मुकदमे की समीक्षा कर रही है और हम आरोपों से असहमत हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘गूगल में पदोन्नति और नौकरी के लिए एक कठोर प्रक्रिया है जिसमें कोई लैंगिक भेदभाव नहीं होता है।’

गूगल में 31 फीसदी महिलाएं हैं

आलोचकों ने तर्क दिया है कि गूगल और उस जैसी अन्य ताकतवर प्रौद्योगिकी कंपनियों ने महिलाओं के लिए ऐसी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की है जिसमें उन्हें महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग भूमिकाओं को निभाने और नेतृत्व को प्रोत्साहन देने की कोशिश की गई हो।

इससे पहले गूगल के एक पूर्व पुरुष सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा महिला कर्मचारियों के खिलाफ लिखे गए मेमो की जांच कर रही इस कंपनी ने तर्क दिया है कि तकनीकी भूमिकाओं में और अधिक महिलाओं को लाने का प्रयास अनुचित और व्यवसाय के लिहाज से अच्छा नहीं था।

गूगल में 31 फीसदी महिलाएं हैं लेकिन इंजीनियरिंग नौकरियों में सिर्फ 20 फीसदी अधिकतम वेतन प्राप्त करती हैं। 
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विभागीय ऑडिट में पाई गई असमानताएं

यह मुकदमा गूगल के वेतन संबंधी नियमित ऑडिट के बाद श्रम विभाग की विवादास्पद लड़ाई के बाद आया है। एक संघीय कांट्रेक्टर के रूप में गूगल श्रम विभाग की निगरानी के अधीन है जो सरकार को विज्ञापन और इंटरनेट सेवाएं बेचता है।

इस साल एक सुनवाई में विभाग के अधिकारी ने कहा कि ऑडिट में पाया गया कि पूरे कार्यबल में महिलाओं के खिलाफ भौतिक मुआवजे में असमानताएं हैं। हालांकि गूगल ने आधिकारिक स्तर पर किसी भी आरोप को गलत नहीं ठहराया है।

आंकड़ों की अधूरी तस्वीर पेश की : गूगल
पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क टाइम्स ने गूगल कर्मचारियों द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक वेतन जानकारी का स्नैपशॉट जारी किया था जिसमें बताया गया था कि गूगल की महिला कर्मचारियों को कंपनी की अधिकांश नौकरियों में पुरुष कर्मचारियों की तुलना में कम भुगतान किया जाता था।

महिलाओं की रैंक बढ़ने के साथ-साथ उनके वेतन में भेदभाव का स्तर भी बढ़ गया। इस पर कंपनी ने कहा कि आंकड़ों की इस रिपोर्ट में अधूरी तस्वीर पेश की गई है।  
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