अमेरिका ने शुक्रवार को घोषणा की है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के प्रमुख मौलाना फजलुल्लाह की सूचना देने वाले को 50 लाख डॉलर इनाम दिया जाएगा।
सूचना के आधार पर मौलाना की गिरफ्तारी पर यह ईनाम दिया जाएगा। न्याय के बदले इनाम योजना के तहत अमेरिका ने जमात-उल-अहरार के अब्दुल वली और लश्कर-ए-इस्लाम के मंगल बाग की सूचना देने के लिए भी 30-30 लाख डॉलर देने की घोषणा की है।
टीटीपी एक ऐसा आतंकी संगठन है जो
पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों को अंजाम देता है। जमात-उल-अहरार वह आतंकी संगठन है जो टीटीपी से अलग हो गया है जबकि लश्कर-ए-इस्लाम पाकिस्तान के खैबर आदिवासी प्रांत के आसपास वाले इलाकों में सक्रिय है।
पाक विदेश सचिव तहमीना जंजुआ के व्हाइट हाउस तथा विदेश मंत्रालय समेत
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठकें करने के बाद यह घोषणा की गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बहाने पाक उसके यहां फैले आतंकवाद पर नकेल कसने का मन बना चुका है।
फजलुल्लाह के साथियों ने दिसंबर 2014 में पेशावर में एक आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला भी किया जिसमें 130 से ज्यादा बच्चों समेत 151 लोग मारे गए थे। उसने 2012 में मलाला युसुफजई के अपहरण का फतवा भी दिया था।
अब्दुल वली अफगानिस्तान के नंगरहार और कुनार प्रांत से अपनी गतिविधियां चलाता है। वली के नेतृत्व में जमात-उल-अहरार पंजाब प्रांत में टीटीपी के सबसे सक्रिय नेटवर्क में से एक है जिसने पूरे पाकिस्तान में कई आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली है।