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डोनाल्ड ट्रंप ने दी किम जोंग को धमकी, कहा- सुधर जाओ नहीं तो बर्बाद कर देंगे

Sat, 19 May 2018 07:32 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन को धमकी देते हुए कहा है कि यदि उत्तर कोरिया के साथ होने वाली ऐतिहासिक वार्ता सार्थक नहीं होती है तो वह अगला कदम और कठोर उठाएंगे। उन्होंने किम के ट्रंप से होने वाली मुलाकात पर बदले रुख के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यदि किम परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ देते हैं तो वह सत्ता में बने रहेंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें तबाह कर दिया जाएगा।  

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बता दें मंगलवार को किम जोंग ने ट्रंप को धमकी देते हुए कहा था कि यदि अमेरिका एकतरफा रूप से उस पर परमाणु कार्यक्रम को बंद करने का दबाव डालेगा तो वह 12 जून को सिंगापुर में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होगा। इसके अलावा उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चलने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास पर भी कड़ा रुख अपनाया था।

किम के इसी बयान पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से आगे कहा कि 'अगर वह अपने परमाणु हथियारों को त्यागते हैं तो मैं किम को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बहुत कुछ करने को तैयार हूं।' साथ ही उन्होंने कहा कि 'जो सुरक्षा उन्हें दी जाएगी वह बहुत मजबूत होगी... सबसे अच्छी बात यह होगी कि वह समझौता कर लें।'
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ट्रंप ने आगे कहा कि किम के मुलाकात से हटने की उत्तर कोरिया की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने कहा कि 'हमारी मुलाकात के लिए हमारे लोग सचमुच काम कर रहे हैं, इसलिए यह उससे अलग है, जिसके बारे में आप पढ़ते हैं, लेकिन कई बार जो आप पढ़ते हैं, वह फर्जी समाचार नहीं होता है, वह सच होता है।'

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ट्रंप ने बताए दो रास्ते

ट्रंप ने उत्तर कोरिया को चेतावनी देते हुए दो विकल्प भी बताए। ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया के पास दो रास्ते हैं, पहला वह अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करके सत्ता में बने रहे। दूसरा लीबिया के नेता मुअम्मार गद्दाफी की तरह अपनी दुर्दशा करवाए, जिन्हें साल 2011 में नाटो के समर्थन वाले विद्रोहियों ने सत्ता से बेदखल कर दिया था। ट्रंप ने कहा कि 'अगर आप गद्दाफी के मॉडल को देखें तो उसे पूरी तरह तबाह कर दिया गया था। हम वहां उन्हें हराने के लिए गए थे। यदि कोई समझौता नहीं होता तो ऐसी स्थिति में उसी मॉडल को अपनाया जा सकता है।'

वहीं ट्रंप ने कहा कि वह उत्तर कोरिया के साथ वार्ता के दौरान लीबिया मॉडल का इस्तेमाल करेंगे। जानकारी के लिए बता दें इससे पहले ट्रंप के राष्ट्रीय सलाहकार जॉन बॉल्टन ने कहा था कि प्योंगयांग के साथ वार्ता का आधार 2003-2004 का लीबिया मॉडल होगा। लेकिन ट्रंप ने कहा कि 'जब हम उत्तर कोरिया के बारे में सोचते हैं तो यह लीबिया मॉडल नहीं है। लीबिया में हमने उस देश को तबाह कर दिया था। वहां गद्दाफी को सुरक्षित रखने के लिए कोई समझौता नहीं किया गया था।'

गौरतलब है कि साल 2003 में गद्दाफी अमेरिका से आर्थिक सहायता के बदले अपने देश में सामूहिक विनाश से हथियार को समाप्त करने पर सहमत हो गया था। लेकिन समझौते में गद्दाफी को किसी भी प्रकार की सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया गया था।  
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