नोटबंदी के बाद जो एनआरआई अभी तक पुराने नोट बैंकों में जमा नहीं कर पाए हैं, सरकार उन्हें कोई और मौका नहीं देने वाली है। बुधवार को जारी एक बयान में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि सरकार अप्रवासी भारतीयों को पुराने नोट जमा कराने का अब कोई और मौका नहीं देने वाली है।
विदेश मंत्री ने यह बयान न्यूयॉर्क दौरे के दौरान ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन फॉर पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन के प्रतिनिधि मंडल को दिया है।
जीओपीआईओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि सुषमा स्वराज ने जानकारी दी कि सरकार पहले ही अप्रवासी भारतीयों को पुराने नोट जमा करने के कई मौके दे चुकी है। भारत सरकार अब कोई और मौका नहीं देने वाली है।
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बैठक के दौरान अप्रवासी भारतीयों के पास बैंक से लिंक करने के लिए आधार कार्ड न होने के सवाल पर स्वराज ने कहा कि अप्रवासी भारतीयों को आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वह बिना आधार कार्ड के ही अपने बैंक अकाउंट को मैनेज कर सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान किया था। जिसमें 500 और 1000 के पुराने नोटों को बैन कर दिया गया। नोटबंदी के फैसले के बाद पुराने नोट पूरी तरह से बेकार हो गए है।