फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नापाक पाक का अमेरिका देता रहेगा साथ, हथियार भी देगा

विज्ञापन
विज्ञापन
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले और उसमे पाकिस्तानी आतंकियों के हाथ होने के सबूत सामने आने के बाद अमेरिका ने भी इसकी निंदा की है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसने पाकिस्तान को मदद देने से तौबा कर ली है। वह पाकिस्तानी सेना से हाल में हुई सैन्य हथियारों के आपूर्ति की डील को रद्द नहीं करेगा। हालांकि, कई सांसदों ने इसका विरोध भी किया है।
विज्ञापन


अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्यों ने ट्वीट के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकियों के हमले की निंदा की है और इसका विरोध भी किया है। इसके अलावा व्हाइट हाउस की तरफ से भी हमले की निंदा की गई है लेकिन अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाने की बजाय उसके समर्थन ही कर रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तानी सेना को हथियार मुहैया करने की अपनी नीति को बदलने की बजाय उसे उसी तरह हथियार उपलब्ध कराता रहेगा जैसे पहले करता था। जबकि वह पूरी तरह से वाकिफ है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तानी सेना का किस कदर योगदान है।

अमेरिकी सदन के स्पीकर पॉल रयान, सदन में बहुमत के नेता केविन मैकॉर्थी समेत कई सांसदों ने ट्वीट कर भारत पर हुए हमले की निंदा की है और इस दुःख की घड़ी में भारत के साथ होने बात कही। लेकिन वहीं दूसरी ओर नवंबर के महीने में पाकिस्तानी जनरल राहील शरीफ का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करने वाली अमेरिकी सरकार ने उसे हथियार मुहैया कराने के इनकार तक नहीं किया। पाकिस्तान में बैठे राहील शरीफ अमेरिका से मिलने वाले 8 एफ-16 विमानों के इंतजार में बैठे हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन

सैन्य हथियारों की करेगा आपूर्ति

आपको बता दें की हाल ही में अमेरिकी संसद के सदस्यों ने भी पाकिस्तान के साथ हुए हथियारों के सौदे को रद्द करने की बात कही थी लेकिन बराक ओबामा सरकार ने इसे मामने से मना कर दिया था। सांसदों ने सौदे को रद्द करने के पीछे जो वजहें बताई थी उनमें से बड़ा मुद्दा आतंकवाद का था।

हालांकि, इस बीच कुछ सांसदों ने पाकिस्तान को मुहैया कराए जाने वाले हथियारों के बारे में फिर से सोचने की अपील की है। सांसदों का कहना है कि खुद अमेरिका आतंकवाद का दंश झेल चुका है और लगातार आतंकवाद के खिलाफ जंग भी लड़ रहा है ऐसे में पाकिस्तानी सेना को हथियारों की सप्लाई करना कहां तक उचित है। सांसदों ने यह भी कहा कि पाकिस्तान वही देश है जिसने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कराने वाले दुनिया के खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन को पनाह दे रखी थी।

कुछ सांसदो ने कहा, 'पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगार बना हुआ है। हमें ऐसे देशों को पैसे नहीं भेजने चाहिए जो लगातार आतंकवाद का समर्थन कर रहे हो। अमेरिकी विदेश विभाग के जॉन किर्बी ने कहा, 'हमने पाकिस्तानी सरकार ने पठानकोट पर हुए हमले पर ठोस कार्रवाई करने की बात कही है। हमें उम्मीद है कि वे इस मामले को उतनी ही गंभीरता से कार्रवाई करेंगे जैसा हमने कहा है। हमें पाकिस्तान सरकार के उच्चाधिकारियों से भी बात की सभी आतंकवादी संगठनों पर लगातार हमला करने की बात कही।'
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें