अमेरिकी राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल हिलेरी क्लिंटन
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक की उम्मीदवारी में सबसे आगे चल रहीं हिलेरी क्लिंटन को अपने प्रतिद्वंदी बर्नी सैंडर्स से अलास्का, वाशिंगटन और हवाई कॉकस में जबरदस्त शिकस्त मिली है। रविवार को महत्वपूर्ण अलास्का, वाशिंगटन और हवाई कॉकस में हार से हिलेरी को करारा झटका लगा है। इसके साथ ही डेमोक्रेटिक की उम्मीदवारी के लिए क्लिंटन और सैंडर्स के बीच का अंतर थोड़ा कम हुआ है।
डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए कुल 4,763 में से 2,382 प्रतिनिधियों के समर्थन की जरूरत होती है, जिसमें 712 सुपर प्रतिनिधि भी शामिल हैं। फिलहाल क्लिंटन को 469 सुपर प्रतिनिधियों समेत 1703 प्रतिनिधियों और सैंडर्स को 29 सुपर प्रतिनिधियों समेत 985 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल है। 74 वर्षीय सैंडर्स ने वाशिंगटन में 72 फीसदी और अलास्का में 80 फीसदी से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की। इसके अलावा हवाई में भी सैंडर्स ने पूर्व विदेश मंत्री क्लिंटन को बड़े अंतर से मात दी। हालांकि 68 वर्षीय क्लिंटन अब भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक की उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे हैं।
बोइंग, माइक्रोसॉफ्ट और स्टारबक्स जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों का मुख्यालय वाशिंगटन राज्य में ही है, जहां 100 से ज्यादा प्रतिनिधि हैं। ऐसे में ज्यादातर प्रतिनिधियों के सैंडर्स के पाले में जाना हिलेरी के लिए जोरदार झटका माना जा रहा है। विस्कॉन्सिन में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए सैंडर्स ने कहा कि हम जीत के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। अब 86 प्रतिनिधि वाले विस्कॉन्सिन में पांच अप्रैल को मतदान होना है।