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इसरो-अमेरिका के गठजोड़ के विरोध में उतरी अमेरिकी कॉरपोरेट कंपनियां

Thu, 21 Apr 2016 02:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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इसरो
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अमेरिका एक तरफ जहां भारत के साथ सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। वहीं अमेरिका की निजी कंपनियां ऐसे कदमों का विरोध कर रही हैं। अमेरिका की निजी कंपनियां भारत की संस्‍था इसरो की तरफ से कम कीमत में लांच किए जाने वाले स्पेस व्हीकल को अपनाने का विरोध कर रही हैं। अमेरिकी सरकार, इसरो की मदद से कम कीमत वाले स्पेस व्हीकल की मदद से अपने सेटेलाइट लांच करने की योजना बना रही हैं।
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अब इस बात को मुद्दा बनाकर अमेरिका के कॉरपोरेट घराने अमेरिकी सरकार को घेर रहे हैं। प्राइवेट फर्म का कहना है कि अमेरिकी सरकार के इस निर्णय से अमेरिका की स्पेस कंपनियों का भविष्य चौपट हो जाएगा। अमेरिका की स्पेस कंपनियों का मानना है कि वो भारत की इसरो से मुकाबला नहीं कर पाएंगी क्योंकि वह बहुत ही कम कीमत पर स्‍पेस लांच व्हीकल उपलब्‍ध करा रहा है। अमेरिकी कंपनियों ने यह आरोप भी लगाया है कि भारत सरकार इसरो को सब्सिडी भी दे रही है।

स्पेस फाउंडेशन के सीईओ इलियट होलोकायूही फुलहम ने कहा कि 'भारत सरकार से सब्सिडी मिलने के बाद इसरो इस बाजार में उस मूल्य पर स्पेस लांच व्हीकल उपलब्‍ध करा रहा है जबकि बाजार में उस मूल्य पर दूसरे लोग वह स्पेस व्हीकल उपलब्‍ध नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बात पर निर्णय होने से पहले इस पर बहस होनी चाहिए कि क्या यह हमारी अमेरिकी कंपनियों के लिए ठीक है।
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कर्मिशयल स्पेसफ्लाइट फेडरेशन के एरिक स्टॉलमर ने बताया कि वह सरकार के इस कदम का विरोध करेंगे जिसमे एक सरकार अपनी संस्‍था को सब्सिडी देकर विदेशों में अपने सस्ते स्पेस व्हीकल लांच सिस्टम देने योजना बना रही है।

स्टॉलमर ने बताया कि भारत के साथ प्रतियोगिता की बात है। अगर इस तरह के निर्णयों को लागू किया जाएगा तो अमेरिक के कर्मिशयल स्पेस लांच इंड्रस्टियल बेस का क्या होगा। सरकार को इस बात को निश्‍चित करना होगा कि इससे अमेरिकी की स्पेस इंडस्ट्री पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 
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