ऑटो-टेक्सटाइल क्षेत्र होंगे प्रभावित
जीएसपी दर्जा खत्म किए जाने से भारत के ऑटो, टेक्सटाइल, केमिकल्स और इंजिनियरिंग क्षेत्रों के करीब 2,000 उत्पादों के निर्यात पर असर पड़ेगा। इन उत्पादों की अमेरिकी बाजार में बिना आयात शुल्क के बिक्री होती थी। भारत जीएसपी का सबसे बड़ा लाभार्थी है जबकि तुर्की इस मामले में पांचवें स्थान पर है।
जीएसपी मामले से निर्यात पर मामूली असर : भारत
केंद्रीय वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने कहा कि भारत का जीएसपी दर्जा खत्म किए जाने से हमारे निर्यात पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत ने वर्ष 2017-18 में अमेरिका को 48 अरब डॉलर (3.38 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया था। इनमें से सिर्फ 5.7 अरब डॉलर यानी करीब 40 हजार करोड़ रुपये का निर्यात जीएसपी रूट के जरिये हुआ है, जिसमें सिर्फ 1.90 करोड़ डॉलर (1,339 करोड़ रुपये) कीमत की वस्तुएं ही बिना किसी शुल्क वाली श्रेणी में आती हैं। इससे साफ जाहिर है कि अमेरिका के इस फैसले का भारत पर बेहद मामूली असर होगा।
भारत को जीएसपी से मिलने वाले आर्थिक फायदे काफी सीमित हैं। अमेरिका अगले 60 दिन में जीएसपी को खत्म कर देगा, लेकिन भारत के साथ उसके रिश्ते मजबूत रहेंगे। अमेरिका से साझेदारी काफी बड़ी है।
-अनूप वधावन, केंद्रीय वाणिज्य सचिव