अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। पाक अब भी लगातार आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है।
ये पाकिस्तान से लगातार आतंकी हमलों को अंजाम देने के साथ ही खुलेआम आतंकी प्रशिक्षण दे रहे हैं और चंदा जुटा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद को आतंकी घोषित कर रखा है, लेकिन वह पाक में खुलेआम सार्वजनिक रैलियां कर रहा है और पाक मीडिया उसे कवर कर रही है।
पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने के चलते 2008 के मुंबई हमले के आतंकी जकीउर रहमान को पाक अदालत जमानत पर रिहा कर चुकी है। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी सालाना रिपोर्र्ट ‘कंट्री रिपोर्ट्स ऑन टेरोरिज्म-2015’ में कहा गया कि पाकिस्तानी सैन्य एवं सुरक्षा बल देश के अंदर हमले करने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ अभियान शुरू किया है, लेकिन वह पाकिस्तान से बाहर हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।
अमेरिका की ओर से आतंकी संगठन घोषित किए गए लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन खुलेआम चंदा जुटा रहे हैं और पाकिस्तान में अपनी रैलियां आयोजित कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि अफगानिस्तान में अमेरिका के लिए खतरा बने अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ पाक पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालांकि पाक ने शांतिवार्ता के लिए तालिबान और अफगानिस्तान सरकार को एक मंच पर लाने की कोशिशों का समर्थन किया।