पाकिस्तान एक आतंकवाद समर्थक देश है। इसकी घोषणा जल्द से जल्द करनी होगी, वर्ना बुरे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ऐसा किसी हिंदुस्तानी ने नहीं, बल्कि अमेरिकी सीनेटर टेड पोए ने कहा है। टेड पोए ने कहा कि अगर पाकिस्तान को जल्द से जल्द आतंकवाद की मदद करने वाले देश के तौर पर नहीं पहचाना जाता और उसपर आतंकी देश होने का ठप्पा नहीं लगाया जाता, तो बड़ा नुकसान हो सकता है। टेड पोए पिछले साल अमेरिकी कांग्रेस में इस बाबत बिल भी पेश कर चुके हैं, जिसमें पाकिस्तान को 'आतंकवादियों का संरक्षक' घोषित करने की अपील की गई थी।
पाक को आतंकी देश घोषित करने की याचिका को अमेरिका में रिकॉर्ड समर्थन
टेड पोए अमेरिकी राज्य टेक्सास से सीनेटर हैं। उन्होंने 20 सितंबर 2016 को एच.आर. 6069 विधेयक' या ''पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेशन एक्ट' नाम का विधेयक अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया था। और कहा था कि अमेरिकी प्रशासन इस विधेयक पर विचार विमर्श करके चार महीने के अंदर इस बिल को पारित करे। वर्ना पाकिस्तान आतंकवाकियों की मदद करता रहेगा, जो दुनिया के हित में नहीं है।
Pakistan must be labelled a state sponsor of terrorism.Congress needs to do this so that latter suffers consequences: US Congressman Ted Poe
— ANI (@ANI_news) July 1, 2017
पिछले साल टेड पोए ने कहा था कि पाकिस्तान भरोसा करने लायक सहयोगी नहीं है, बल्कि वह तो वर्षों से अमेरकी दुश्मनों को मदद देता हुआ आ रहा है। चाहे हक्कानी नेटवर्क के साथ पाकिस्तान के मधुर संबंध हो या पाकिस्तान का ओसामा बिन लादेन को शरण देना हो, ये पाकिस्तान के खिलाफ वो पर्याप्त सबूत हैं जो यह साबित करते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को सहायता दे रहा है। वक्त आ गया है कि जब हम पाकिस्तान को उसकी धोखेबाजी के लिए वित्तीय मदद देना बंद करे और उस वो दर्जा दिया जाए जिसका वह हकदार है, यानि आतंकवाद प्रायोजित मुल्क।
टेड पोए ने साफ कहा कि इस काम में जितनी देरी हो रही है, उतना ही नुकसान हो रहा है। अगर जल्द से जल्द पाकिस्तान को आतंकी समर्थक देश घोषित नहीं किया जाता, तो इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, हाफिज सईद के संगठन पर लगाया प्रतिबंध
फाइल फो
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पाकिस्तान ने जमात उद दावा के मुखिया हाफिज सईद के नए संगठन तहरीक-ए-आजादी जम्मू और कश्मीर (टीएजेके) पर प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान ने यह कदम आतंक के खिलाफ लड़ने व उसकी फंडिंग रोकने के लिए खुद पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उठाया है।
टीएजेके को जमात-उद-दावा के संगठन के रूप में उस समय प्रसिद्धि मिली जब उसने 5 फरवरी को ‘कश्मीर दिवस’ के अवसर पर कश्मीर की आजादी के संबंध में रैली की। साथ ही देशभर में बैनर व झंडे लगाए।
इससे एक दिन पहले ही लाहौर में हाफिज सईद को 90 दिन के लिए ‘घर में नजरबंद’ किया गया था। नजरबंद होने से पहले सईद ने इस बात के संकेत दिए थे कि वह ‘कश्मीर की आजादी में तेजी’ के लिए टीएजेके की शुुरुआत कर सकता है। जमात-उद-दावा को टीएजेके के रूप में ब्रांडिंग करना दर्शाता है कि हाफिज सईद को सरकार की योजना की जानकारी पहले ही मिल गई थी।
पाकिस्तान की नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध सूची के अनुसार स्पेन में फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक के 15 दिन पहले 8 जून को जमात-उद-दावा के फ्रंट को ‘गैरकानूनी करार दिए गए संगठनों’ की सूची में शामिल किया था। ‘
द नेशंस’ की रिपोर्ट के अनुसार जमात-उद-दावा ने अपने संगठन पर प्रतिबंध लगने के बाद इस पर चर्चा करने के लिए सोमवार को बैठक बुलाई है। प्रतिबंधित संगठनों की सूची में जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान और जमात-उद-दावा की सैन्य शाखा लश्कर-ए-ताइबा समेत 64 संगठन शामिल हैं।