अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मानवरहित जूनो अंतरिक्षयान ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बृहस्पति ग्रह में प्रवेश कर गया है। इसको पांच साल पहले फ्लोरिडा के केप केनवरल एयरफोर्स स्टेशन से लांच किया गया था। नासा के करीब 74 अरब 20 करोड़ रुपये (1.1 अरब डॉलर) के इस मिशन का उद्देश्य सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति की उत्पत्ति और इतिहास के रहस्य को उजागर करना है।
इसके अलावा जूनो सौरमंडल के ग्रहों के बारे में जानकारी हासिल करेगा। यह अंतरिक्षयान करीब डेढ़ साल तक बृहस्पति ग्रह का चक्कर लगाएगा। जूनो के बृहस्पति ग्रह में प्रवेश करने की घोषणा कैलिफोर्निया स्थित नासा के जेट प्रोपल्सन लेबोरेटरी ने की।
जूनो अंतरिक्षयान भारतीय समयानुसार मंगलवार सुबह 9:23 बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार तड़के 03:53 बजे) सफलतापूर्वक बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश किया। इसको पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा के केप केनवरल एयरफोर्स स्टेशन से लांच किया गया था। इस बीच जूनो अंतरिक्षयान ने 2.7 अरब किमी (1.7 अरब मील) की दूरी तय की। इस सफलता के बाद जूनो के मिशन कंट्रोल की टीम खुशी से झूम उठी।