वैसे तो कैदियों की अदला बदली की ये खबरें काफी समय से ही आ रही थीं लेकिन इस्लामाबाद ने इनको खारिज कर दिया था। इसके साथ ही पाकिस्तानी मीडिया से कुछ इस तरह की खबरें भी आई थीं कि अमेरिका के जेलब्रेक के डर से पाकिस्तान ने अफरीदी को कहीं और शिफ्ट कर दिया है।
साथ ही अमेरिका भी अफरीदी की सेहत को लेकर चिंतित रहता है और पाक से उनकी अच्छी सेहत सुनिश्चित करने को कहता है। अमेरिकी सांसद अफरीदी को अपना हीरो मानते हैं और उनकी रिहाई के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाने के पक्ष में हैं। ये सभी बदलाव ऐसे समय में दिख रहे हैं जब इस्लामाबाद ने अपना नया राजदूत वाशिंगटन भेजा है। यह नए राजदूत अली जहांगीर सिद्दिकी हैं जिन्होंने बुधवार को अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत की जगह ली है।
अब ये तो वक्त ही बताएगा कि इन कैदियों की अदला बदली होती है या नहीं क्योंकि एक तरफ तो पाकिस्तान इस तरह की खबरों को खारिज कर देता है पर वहीं दूसरी तरफ वह कुछ ऐसा भी कर देता है जिससे यह साबित होता है कि इस तरह की सौदेबाजी उसके लिए कुछ नई नहीं है। इसका एक उदाहरण बीते महीने का ही है। जिसमें पाकिस्तानी नागरिक पर गाड़ी चलाने वाले अमेरिकी डिप्लोमैट रेमंड डेविस को उसने वापिस वाशिंगटन भेज दिया। पहले उस डिप्लोमैट को जाने नहीं दिया जा रहा था लेकिन जब उसने पीड़ित परिवार को 24 लाख डॉलर की राशि दी तो उसे वापिस अमेरिका जाने दिया गया।