मैटिस ने कहा कि कानून के कारण कई देश रूस से रक्षा सौदों के मामले में दूरी बढ़ा रहे हैं, लेकिन हमें भारत, वियतनाम के अलावा कुछ ही देशों पर ध्यान देना है।
इस कानून पर सीनेटर टॉम कॉटन ने मैटिस से कहा, ‘भारत और वियतनाम लंबे समय से रूस से सैन्य उपकरण खरीद रहे हैं। उन्हें सबसे ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।’ कुछ हफ्तों से पेंटागन, अमेरिकी सांसद और विशेषज्ञ इस कानून पर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि रूस से रक्षा सौदाें के कारण कोई भी पाबंदी भारत-अमेरिका संबंधों पर बहुत बुरा असर डालेगी।
कई स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराता है एस-400 सिस्टम
एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम 400 किमी की दूरी तक विमान, मिसाइल और ड्रोन को नष्ट कर सकता है। यह प्रणाली तीन अलग-अलग तरह की मिसाइलों का प्रक्षेपण करने के साथ ही 36 लक्ष्यों पर एक साथ निशाना साध सकती है। इसलिए यह कई स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराती है।
भारत-अमेरिका को समझने होंगे एक-दूसरे के हित
अमेरिकी रक्षा सचिव जिम मैटिस ने कहा कि भारत ऐसा देश है, जहां कई पीढ़ियों में एक बार अमेरिका को ऐसे समान मौके मिलते हैं। ऐसे में दोनों देशों को एक दूसरे के हितों को समझना होगा। भारत अमेरिका से बड़ी मात्रा में सशस्त्र और निगरानी ड्रोन खरीदना चाहता है।
अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सरकारी एजेंसियों को भारत जैसे देशों को आधुनिक ड्रोन निर्यात बढ़ाने का आदेश दे दिया है। मैटिस ने कहा कि भारत में हमारे लिए बहुत मौके हैं, जिन्हें तलाशने की भी जरूरत नहीं है। दोनों देशों में मजबूत और बेहतर संबंधों के लिए कई समान आधार हैं।