विनाशकारी चक्रवाती तूफान इरमा क्यूबा में भारी तबाही मचाने के बाद अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के तट से टकरा गया है। इसके चलते दक्षिण में स्थित उष्णकटिबंधीय द्वीपों के समूह फ्लोरिडा कीज में 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। मयामी में भारी बारिश भी शुरू हो गई है। कई जगह बिजली गुल होने की भी खबरें हैं।
तूफान ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। अब इसे श्रेणी चार का तूफान बताया जा रहा है। पहले इसकी श्रेणी 3 कर दी गई थी। तूफान की भयावहता को देखते हुए 63 लाख लोगों को फ्लोरिडा से चले जाने को कहा गया है। इनमें 1.20 लाख भारतीय-अमेरिकी शामिल हैं। फ्लोरिडा में हर ओर बदहवासी का आलम है।
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लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाश रहे हैं। होटल पूरी तरह भर चुके हैं। जान बचाने के कई लोग 1500 किलोमीटर दूर ओहायो तक पहुंचे हैं। फ्लोरिडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। ऐसे में भारतीय दूतावास ने भी राहत एवं बचाव उपायों में ताकत झोंक दी है। फ्लोरिडा में भारतीय-अमेरिकी नागरिकों की आबादी करीब 1.20 लाख है। इनमें से हजारों लोग मयामी, फोर्ट लोडरडेल और टेम्पा में रहते हैं।
इन इलाकों को तूफान के लिहाज से बेहद खतरनाक जोन घोषित किया गया है। इस बीच, फ्लोरिडा स्थित हजारों भारतीय-अमेरिकियों समेत लाखों लोगों ने तूफान से निपटने की तैयारी की है। इरमा से तबाह कैरेबियाई सेंट मार्टिन द्वीप से 60 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।
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यहां फंसे अधिकतर भारतीय नागरिकों के पास अमेरिका का ट्रांजिट वीजा है। वहीं जिन भारतीय नागरिकों के पास ट्रांजिट वीजा नहीं है, उन्हें इसे मुहैया कराने के लिए भारतीय दूतावास अमेरिकी विदेश मंत्रालय व गृह सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर काम कर रहा है। ताकि इरमा से प्रभावित लोग विमान से अमेरिका के दूसरे प्रांतों में जा सकें और वहां से स्वदेश लौट सकें।