अमेरिकी राज्य ओरेगन में कैद 50 से अधिक प्रवासी भारतीयों के हाथ में हथकड़ियां लगी हुई हैं। एक कानूनी सलाहकार समूह की सदस्य ने शुक्रवार को यह बात कही।
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि देश वापस लौटने पर धार्मिक और राजनीतिक उत्पीड़न के डर से अमेरिका में शरण मांगने पहुंचे भारतीय प्रवासियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
एक सामूदायिक कॉलेज की प्रोफेसर नवनीत कौर ने कहा कि यह मेरा बयान नहीं था कि शेरिडन की जेल में कैद प्रवासियों के हाथ में हथकड़ी और चेन बंधी है और उन्हें 24 घंटे उसी हालत में रखा गया है। कौर एक कानूनी टीम की सदस्य हैं जो कि 50 कैदियों की कानूनी सहायता कर रही है। कौर का मुख्य काम अनुवाद में कैदियों की मदद करना है। दरअसल अधिकतर कैदी पंजाबी हैं और वे केवल पंजाबी बोल सकते हैं।
कौर ने कहा कि 14 जुलाई 2018 को ओरेगन के एस्टोरिया में गदर पार्टी की स्थापना के 105 साल पूरे होने पर रखे गए समारोह में मैंने अमेरिका में आईसीई द्वारा हिरासत में लिए गए प्रवासियों के मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन के कुछ उदाहरण दिए थे। इन्हें मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक शेरिडन जेल में शुरुआत में देखे गए हालातों के मुकाबले अब कुछ सुधार हुए हैं।