भारतीय-अमेरिकी खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर
सूर्य के करीब जा रहे नासा के अंतरिक्षयान का नाम भौतिकशास्त्री यूजीन पार्कर के नाम पर पार्कर सोलर प्रोब रखा गया है। हालांकि, 60 साल पहले उनकी थ्योरी पर कोई भरोसा करने को भी तैयार नहीं था। तब उन्होंने कहा था कि सौर तूफान का अस्तित्व होता है।
उस समय भारतीय मूल के अमेरिकी खगोलशास्त्री और एस्ट्रोफिजिकल जर्नल के तत्कालीन वरिष्ठ संपादक सुब्रमण्यम चंद्रशेखर ने पार्कर की थ्योरी पर विश्वास जताते हुए उनका शोधपत्र प्रकाशित किया था। रविवार को पार्कर के इसी शोधपत्र के आधार पर नासा ने पार्कर प्रोब को सूर्य के अध्ययन के लिए प्रक्षेपित किया।
पार्कर ने 1958 में कहा कि सूर्य से लगातार चार्ज्ड पार्टिकल्स निकलकर अंतरिक्ष में फैल रहे हैं। इस पर किसी वैज्ञानिक ने भरोसा नहीं किया। तब वैज्ञानिकों का मानना था कि अंतरिक्ष पूरी तरह से खाली है।
भारतीय विज्ञान व शोध संस्थान में सहायक प्रोफेसर दिब्येंदु नंदी ने बताया कि पार्कर ने अपनी थ्योरी पर आधारित शोधपत्र एस्ट्रोफिजिकल जर्नल को सौंपा। इसे दो बार अलग-अलग समीक्षकों ने खारिज कर दिया।
उस समय जर्नल के वरिष्ठ संपादक सुब्रमण्यम चंद्रशेखर ने समीक्षकों को खारिज करते हुए पार्कर के शोधपत्र को प्रकाशित किया था। चंद्रशेखर को 1983 में भौतिक शास्त्र का नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था।