सिलिकॉन वैली के भारतीय अमेरिकी आईटी पेशेवरों ने एच1बी वीजा को लेकर अमेरिकी संसद में ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किए गए नए बिल पर चिंता जताई है। भारतीयों ने कहा है कि इससे समुदाय के लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 100 से ज्यादा भारतीय अमेरिकी पेशेवर सिलिकॉन वैली में इकट्ठा हुए और इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।
आईटी पेशेवरों ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर नीति निर्माताओं और सांसदों को जागरूक करने की आवश्यकता है। ग्लोबल इंडियन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स एसोसिएशन (जीआईटीपीआरओ) के अध्यक्ष खंडेराव ने कहा, ‘हम किसी भी सुधार का समर्थन करते हैं लेकिन ज्यादातर बिल जो संसद में रखे गए हैं उनमें न्यूनतम वेतन बढ़ाने की बात कही गई है जिसका अमेरिकी विश्वविद्यालयों से पास होने वाले भारतीय स्नातकों पर बुरा असर पड़ेगा।
साथ ही ऐसे कुशल पेशेवर, जो कम अनुभवी हैं उन्हें भी नौकरी मिलने में मुश्किल आएगी क्योंकि एक बिल में तो न्यूनतम वेतन बढ़ाकर दोगुना करने यानी 1,30,000 डॉलर प्रतिवर्ष करने का सुझाव दिया गया है।’ एच1बी वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों में काफी लोकप्रिय है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं। हर साल हजारों की संख्या में भारतीयों को अमेरिका में काम करने का मौका मिलता है।