भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन पर न्यू हैंपशायर में 40 हजार डॉलर का जुर्माना और 3 साल तक निगरानी में रखने की सजा सुनाई गई है। उसे यह सजा गलत एच-1 वीजा आवेदन करने के लिए दी गई है। अमेरिकी अटार्नी जॉन जे फार्ले के मुताबिक गलत वीजा आवेदन के कारण यह सजा दी गई है।
42 साल के रोहित सक्सेना साक्स आईटी ग्रुप एलएलसी के नाम से स्टाफिंग कंपनी चलाते हैं, और दूसरी कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारी हायर करते हैं। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक रोहित ने हायरिंग के नाम पर 45 फ्रॉड वीजा आवेदन फाइल किये।
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यह मामला 2014 से 2016 के बीच किये गए आवेदनों का है। ये सभी वीजा आवेदन H-1B प्रोग्राम के तहत फाइल किये गए। जोकि अमेरिकन बिजनेसमैन को यह सुविधा देता है कि वो अपने क्षेत्र में माहिर लोगों को काम करने के लिए अपनी कंपनी में अस्थायी तौर पर रख सकें।
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रिपोर्टस के मुताबिक रोहित सक्सेना कई और कंपनियों के लिए भी वर्कर्स उपलब्ध करवाने का काम कर रहे थे। मामले की जांच करने वाले अधिकारी जुकरमेन ने कहा कि यह गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि वीजा एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। बहुत सारे उद्योग स्पष्ट रूप से, इस पर भरोसा करते हैं। और जब ऐसा हो जाता है, तो इसे प्रशासन करना अधिक कठिन होता है। हालांकि इस घटना के बाद से कई धोखाधड़ी वीजा आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया था।