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अमेरिका की जासूसी में आम लोग हुए शिकार

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अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने जिन लोगों की निगरानी की थी, उनमें 99 फीसद आम इंटरनेट उपभोक्ता थे। अमरीकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट के एक विश्लेषण के अनुसार एनएसए के ''किसी और के लिए बिछाए गए जाल'' में निर्दोष लोग फंस गए।
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अखबार के मुताबिक आम उपभोक्ताओं की बेहद निजी जानकारियां एजेंसी ने अपने पास रखीं, जबकि उनका कोई खुफिया उपयोग नहीं था।

हालांकि अखबार का कहना है कि इन दस्तावेजों में ''कुछ महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियां'' भी थीं। यह जानकारी एनएसए के पूर्व कॉन्ट्रेक्टर एडवर्ड स्नोडन ने उपलब्ध कराई है।

अखबार के मुताबिक उसने एनएसए द्वारा 2009 से 2012 के बीच इकट्ठा किए गए एक लाख 60 हजार ईमेल, संदेश और 11 हजार ऑनलाइन अकाउंट से जुडे 7900 दस्तावेजों का विश्लेषण किया है।
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अमेरिकी लोगों की भी हुई जासूसी

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार चार महीने की इस खोजबीन में उजागर हुआ है कि 10 में से नौ अकाउंट होल्डर ऐसे थे, जिन पर निगरानी रखने का इरादा नहीं था। जिन आम लोगों की जानकारी इकट्ठा की गई, उनमें कई अमेर‌िकी भी थे।

एडवर्ड स्नोडन ने व्हिसलब्लोवर की भूमिका निभाते हुए एनएसए के खुफिया कार्यक्रम से जुडी अहम जानकारियां सार्वजनिक की थीं।

इसके बाद मई 2013 में वह अमेरिका छोडकर चले गए थे। फिलहाल उन्होंने रूस में अस्थायी तौर पर शरण ले रखी है।
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