अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव से पहले तीसरी और अंतिम बहस में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने अपने प्रतिद्वंद्वी और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप पर 13 प्वाइंट की प्रभावी बढ़त बनाते हुए जीत हासिल कर ली है। इससे पहले दोनों के बीच हुई इस आखिरी बहस में देश के लोकतंत्र और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मुद्दे पर तीखी नोंकझोंक हुई। ट्रंप ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि यदि वह राष्ट्रपति पद के चुनाव में हार जाते हैं तो नतीजों को स्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं। बहस के दौरान ट्रंप ने हिलेरी को ‘दुष्ट महिला’ तक कह डाला।
सीएनएन द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण के परिणामों में टेलीविजन पर बहस देख रहे 52 फीसदी लोगों ने कहा कि श्रीमती क्लिंटन ने बेहतर प्रदर्शन किया है जबकि 39 फीसदी लोगों ने ट्रंप को जीता हुआ बताया। परिणामों के मुताबिक क्लिंटन ने सबसे ज्यादा वोट हासिल कर लिए हैं लेकिन उनकी जीत का अंतर तीसरी व अंतिम बहस में अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी कम रहा है। न्यूयॉर्क में हुई पहली बहस में हिलेरी 35 प्वाइंट से जीती थी, जबकि दूसरी बहस में दोनों के बीच का अंतर 23 प्वाइंट पर आ गया था। तीसरी बहस शुरू होने से पहले हिलेरी और ट्रंप के बीच तल्खी का असर पूरी तरह दिखाई दिया। दोनों ने हाथ मिलाना तो दूर, एक दूसरे के साथ अपरिचितों जैसा व्यवहार किया। ट्रंप ने मीडिया पर भी एकतरफा रिपोर्ट बनाने का आरोप लगाया।
दोनों उम्मीदवारों के बीच सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति, गर्भपात नीति, प्रवासी नीति और विदेश नीति पर तीखी बहस हुई। ट्रंप ने जब कहा कि अगले माह यदि वह महसूस करते हैं कि चुनाव परिणाम में उनके खिलाफ चालाकी हुई है तो वह उसे स्वीकार नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसे उसी वक्त देखेंगे, फिलहाल इस पर सस्पेंस बना रहना चाहिए। इस पर हिलेरी तुरंत गरजीं और कहा कि यह ‘भयावह’ है। श्रीमती क्लिंटन गुस्से में बोलीं कि अब सबको पता चल जाना चाहिए कि ये क्या कह रहे हैं और इसका क्या अर्थ है। उन्होंने ट्रंप के बयान को लोकतंत्र के अपमान से जोड़ा और कहा कि वह अमेरिकी लोकतंत्र को नीचा दिखा रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने हिलेरी को सरकारी सर्वर से उनके ई-मेल नष्ट करने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वह ‘दुष्ट’ महिला हैं। माना जा रहा है कि बहस के बाद लगातार आ रहे सर्वेक्षणों में पिछड़ने के कारण ट्रंप बौखला गए हैं।