ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा नियमों को और सख्त बना दिया है। अब अमेरिकी नियोक्ताओं को अपने यहां काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों की संख्या श्रम विभाग को बतानी होगी। ट्रंप प्रशासन के इस कदम से भारतीय आईटी पेशेवरों की परेशानी बढ़ सकती हैं, क्योंकि अमेरिकी कंपनियों को नए विदेशी कर्मचारी नियुक्त करने में मुश्किल आएगी।
ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा श्रम आवेदन प्रक्रिया में सख्त प्रावधानों को शामिल किया है। इसके तहत अब नियोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया श्रम विभाग से मंजूर करानी होगी। विभाग पहले प्रमाणित करेगा कि उक्त पद पर घरेलू कर्मचारी उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद ही अमेरिकी कंपनियां एच-1बी वीजा श्रेणी के तहत विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति कर पाएंगी।