अमेरिका में संशोधित यात्रा प्रतिबंध को लेकर राष्ट्रपति और न्यायपालिका के बीच एक बार फिर टकराव की नौबत आ गई है। हवाई की एक अदालत ने देशव्यापी आदेश जारी करते हुए ट्रंप द्वारा छह मुस्लिम देशों पर लगाए गए संशोधित यात्रा प्रतिबंध पर रोक लगा दी है। इससे व्हाइट हाउस को दूसरी बार तगड़ा झटका लगा है और संकेत मिला है कि ट्रंप को अदालत में इस्लाम के बारे में अपनी उग्र लफ्फाजी के लिए जवाब देना होगा। राष्ट्रपति का आदेश रद होने पर डोनाल्ड ट्रंप कोर्ट पर भड़क उठे और इस फैसले को उनके काम में दखल बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
ट्रंप ने 6 मार्च को ही यात्रा संबंधी संशोधित आदेश पर दस्तखत करते हुए छह मुस्लिम देशों के नागरिकों को अमेरिका आने पर रोक लगाई थी, लेकिन हवाई राज्य स्थित होनूलुलू की संघीय जिला अदालत के जज जेरिक के. वाटसन ने राष्ट्रपति के संशोधित यात्रा प्रतिबंध के लागू होने के सिर्फ कुछ घंटे पहले ही इस पर रोक लगा दी।
अदालत ने कहा कि - ‘यात्रा प्रतिबंध के आदेश अमेरिकी संविधान में किसी भी धर्म के खिलाफ भेदभाव और उनकी सुरक्षा के कानूनों का उल्लंघन हैं।’ जज ने कहा कि - ‘यदि इस प्रतिबंध को आगे बढ़ाया जाता है तो इससे अपूरणीय क्षति होगी।’ जज वाटसन ने माना कि - ‘इस आदेश के लागू होने के बाद पर्यटन के साथ साथ विदेशी छात्रों और यहां आकर काम करने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।’
ट्रंप मुसलमान आबादी के दाखिल होने पर 90 दिन की पाबंदी लगाना चाहते हैं
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उधर ट्रंप ने हवाई कोर्ट के इस फैसले को उनके काम में दखल बताया है। अमेरिका के नेशविले में उन्होंने कहा कि - ‘यह बहुत ही बुरी और उदास करने वाली खबर है।’ ट्रंप ने कहा कि - ‘अदालत ने जिस आदेश पर रोक लगाई है उसके प्रावधान पहले वाले आदेश जितने सख्त नहीं थे, ये पहले कभी नहीं हुआ, यह न्यायिक हस्तक्षेप है।’
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। जबकि जज ने ट्रंप के उस तर्क पर भी सवाल उठाए जिसमें ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि आतंकवादियों को अमेरिका में दाखिल होने से रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंध जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि - ‘संशोधन के बाद भी यह नियम मुस्लिम देशों के साथ भेदभाव वाला और अमेरिका के लोकतांत्रिक व मानवाधिकार मूल्यों के खिलाफ है।’
बता दें कि कोर्ट ने ट्रंप के आदेश की धारा 2 पर देशव्यापी रोक लगाई है। यह धारा ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के लोगों के अमेरिकी प्रवेश पर 90 दिन के लिए प्रतिबंध लगाती है। फैसले में आदेश की धारा 6 पर भी रोक लगाई गई, जो अमेरिकी शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम को 120 दिन के लिए निलंबित करती है। अदालत ने ट्रंप प्रशासन के फैसले पर रोक लगाते हुए स्थगन की स्थिति में इस आदेश पर आपात अपील दायर करने की बात कही।