फेसबुक ने की अपनी आंतरिक जांच
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फेसबुक पर अमेरिका में कंजर्वेटिव नेताओं की खबरों के साथ भेदभाव करने के आरोप लगने के बाद फेसबुक ने कहा है कि कुछ प्रक्रियाओं में बदलाव कर लिया गया है, अब ट्रेंडिंग टॉपिक्स में कोई गड़बड़ी नहीं होगी। फेसबुक ने अपनी एक आंतरिक जांच की है जिसमें पता चला है कि फेसबुक ने न्यूज स्टोरी और ट्रेंडिंग टॉपिक्स को लेकर किसी तरह का राजनीतिक भेदभाव नहीं किया है।
दुनिया की सबसे बड़ी सोशल साइट फेसबुक ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि कई परिवर्तन किए गए हैं। एडीटर्स को राजनीतिक पूर्वाग्रह से परहेज करने की हिदायत सहित फेसबुक की गाइडलाइंस को भी स्पष्ट किया गया है। फेसबुक के पूर्व कॉन्ट्रेक्टर ने आरोप लगाते हुए टेक्नॉलोजी न्यूज वेबसाइट गिजमोदो को बताया था कि फेसबुक के एडीटर कंजर्वेटिव नेताओं की न्यूज को दबा देते हैं।
इस रिपोर्ट को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के जॉन थने ने फेसबुक को पत्र लिखकर मांग की थी कि, 'फेसबुक स्पष्ट करे की वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स के लिए न्यूज आर्टिकल्स कैसे तय करता है।' अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को कभी खुले तौर पर नहीं बताने वाले फेसबुक ने इस लेटर के बाद ब्लॉगपोस्ट के जरिए न्यूज और आर्टिकल्स के सिलेक्शन की डिटेल सार्वजवनिक की थी।
इसके बाद फेसबुक ने कहा,'हम हर तरह के विचार को बराबर ट्रेंडिंग में जगह देते हैं। किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता है।' फेसबुक के प्रमुख मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक की विश्वसनीयता को लेकर पिछले हफ्ते कई कंजर्वेटिव नेताओं और मीडिया की जानी मानी शख्सियतों से मुलाकात भी की। फेसबुक की विश्वसनीयता पर लगातार उठ रहे सवालों से निपटने के लिए फेसबुक ने पहली बार अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को सार्वजिनक किया है।