विदेश सचिव एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन का भारत-अमेरिकी संबंधों को लेकर ‘काफी सकारात्मक दृष्टिकोण’ है और संबंधों को आगे ले जाने में काफी रुचि है। जयशंकर ने यहां वरिष्ठ कैबिनेट सदस्यों और शीर्ष अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत के बाद ये बातें कहीं।
द्विपक्षीय संबंधों को आगे ले जाने को लेकर ‘आशावादी’ रुख जताते हुए जयशंकर ने भारतीय पत्रकारों को बताया कि ओबामा प्रशासन के दौरान शुरू हुई भारत-अमेरिकी कूटनीतिक और वाणिज्यिक वार्ता इस वर्ष भी आयोजित होगी। उन्होंने कहा, ‘कुल मिलाकर यह दिख रहा है कि ट्रंप प्रशासन का भारत और उसके साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक नजरिया है।’ जयशंकर वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया के साथ यहां आए हैं।
अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने विदेश मंत्री टिलरसन, वाणिज्य मंत्री रॉस, होमलैंड सुरक्षा मंत्री जनरल (सेवानिवृत) जॉन कैली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आर मैकमास्टर और राष्ट्रपति के उप सहायक केन जस्टर से मुलाकात की। टिलरसन के साथ जयशंकर ने द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंधों के साथ-साथ अफगानिस्तान और एशिया प्रशांत क्षेत्र में स्थिति पर चर्चा की।
वाणिज्य मंत्री के साथ चर्चा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित रही, जबकि होमलैंड सुरक्षा मंत्री के साथ आव्रजन तथा भारतीयों और अमेरिका में भारतीय अमेरिकी समुदाय के कल्याण से संबंधित मुद्दों पर बातचीत की गई। पूर्व अमेरिकी द्वारा भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीभोटला की हत्या के मामले में होमलैंड सुरक्षा मंत्री के साथ जयशंकर की बातचीत को अहम माना जा रहा है।
कंसास गोलीबारी को अकेली घटना के तौर पर देखा जाना चाहिए : जयशंकर
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विदेश सचिव एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि कंसास में हुई गोलीबारी की घटना को अपनी तरह की ‘अकेली घटना’ के तौर पर देखा जाना चाहिए और अमेरिकी समाज इस तरह के कृत्यों के पूरी तरह खिलाफ है। कंसास में पिछले हफ्ते भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसे घृणा अपराध का मामला माना जा रहा है।
अमेरिका के दौर पर गए जयशंकर और वाणिज्य सचिव रीटा तेवतिया ने ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों और कांग्रेस के नेताओं के साथ मुलाकात की। विदेश सचिव ने कहा कि कंसास की दुखद घटना उनकी कई चर्चाओं में शामिल रही। उन्होंने कहा, ‘हमें बेहद उच्च स्तर, कैबिनेट स्तर से बताया गया कि हमें इसे अकेली घटना के तौर पर देखना चाहिए। दूसरी बात कि अमेरिकी न्याय तंत्र अपना काम कर रहा है, वह गुनहगारों को दंडित कर सकता है। इस मामले को घृणा अपराध के तौर पर देखा जा रहा है।’
जयशंकर ने कहा, ‘हमने पिछले कुछ दिनों में देखा है कि चाहे वह व्हाइट हाउस का बयान हो, या राष्ट्रपति का संबोधन अथवा किसी अन्य का बयान सभी ने इसे दुख जताया। ऐसे में यह साफ है कि अमेरिकी व्यवस्था एवं अमेरिकी समाज इसके पूरी तरह खिलाफ है।’ जयशंकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रायन से मिले थे।