अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दुनियाभर के देशों से तालिबान और आतंकियों के मददगारों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की अपील की। नाम लिए बिना पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका आतंकियों की पनाहगाहों को खत्म करेगा, चाहे ये जहां पर भी हों। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बड़े नेताओं के पाकिस्तान में ही छिपे होने की आशंका जताई जाती रही है।
ट्रंप ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस भीषण हमले ने हमारे उस संकल्प को और मजबूत किया है कि अफगान हमारे सहयोगी हैं। अफगानिस्तान को आतंकियों से मुक्त कराने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि तालिबान को उसकी क्रूरता के लिए दंड जरूर दिया जाएगा। इस आतंकी हमले में कम से कम 95 लोग मारे गए थे और 158 लोग घायल हुए।
अमेरिका और अफगानिस्तान हमेशा से दावा करते रहे हैं कि तालिबान ऐसे आतंकी हमले इस वजह से आसानी से अंजाम देता रहता है क्योंकि उसे पाकिस्तान के अंदर सुरक्षित पनाह मिलती रहती है। हालांकि पाकिस्तान ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है। इस महीने की शुरुआत में ही ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 2 बिलियन डॉलर की सैन्य मदद रोक दी थी। उसने यह कदम तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ इस्लामाबाद द्वारा पर्याप्त कार्रवाई नहीं किए जाने के चलते उठाया।
काबुल आतंकी हमले को कायराना करार देते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि अमेरिका तालिबान को कभी अपने उद्देश्यों में कामयाब नहीं होने देगा। कायर तालिबान ने निर्दोष अफगान और बहादुर पुलिसकर्मियों को अपना निशाना बनाया। हम अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ आतंकियों को खत्म करने के लिए वहां पर हैं और हम ऐसा करके रहेंगे।