अमेरिका में इस वक्त राष्ट्रपति चुनाव का ज़ोर है। वहां रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप खूब चर्चा में हैं। राष्ट्रपति पद के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार बनने के लिए ट्रंप लगातार ऊटपटांग बयान दे रहे हैं। पूरी दुनिया में ट्रंप के बयानों की चर्चा हो रही है। ट्रंप के बयान, दुनिया भर में लोगों को खूब हंसा भी रहे हैं। यूरोपीय देश हों, चीन हो या भारत-पाकिस्तान, डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर तरह-तरह के चुटकुले और मज़ाक़ चल पड़े हैं। ख़ुद अमरीकी कलाकार डोनाल्ड ट्रंप पर तमाम पैरोडी शो बनाकर लोगों को हंसा रहे हैं। यूरोपीय देश फिनलैंड में एक टीवी चैनल पर ऐसा ही अमरीकन शो दिखाया जा रहा है। जिसमें बेहद गंभीर से दिखने वाले दो एंकर मज़ाक़िया अंदाज़ में ट्रंप और उनके विरोधियों के क़िस्से बयां करते दिखाई देते हैं।
इस बार के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव को पूरी दुनिया बेतुका और हंसने लायक़ बता रही है। जिस तरह के बयान डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं, उसे राष्ट्रपति ओबामा और उनके विदेश मंत्री जॉन केरी, शर्मनाक बता चुके हैं। मगर, ट्रंप के ऊटपटांग के बयानों से दुनिया भर में कॉमेडियन्स की बन आई है। अमरीकी नेताओं के तौर तरीक़ों का मज़ाक़ बनाने से लेकर अमरीकी संस्कृति पर चुटकुले सुनाने तक, सब कुछ हो रहा है। ये मौक़े डोनाल्ड ट्रंप ने मुहैया कराए हैं, पूरी दुनिया के कॉमेडियन्स को। कनाडा के लोग तो उन अमरीकियों को अपने यहां आकर बसने का ऑफ़र भी दे रहे हैं जो ट्रंप को राष्ट्रपति के तौर पर बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। वहीं मिस्र के मसखरे बासेम यूसुफ़, बहुत जल्द इंटरनेट पर अमरीकी चुनावों पर एक मज़ाक़िया वेब सिरीज़ लेकर आने वाले हैं। यूसुफ़ के सियासी चुटकुले इतने तीखे होते हैं कि ख़ुद अपने देश में उन पर पाबंदी लगी हुई है।
मिस्र के कॉमेडियन बासेम यूसुफ़ अमरीकी चुनावों पर एक मज़ाकिया वेब सीरीज़ लाने वाले हैं। इसी तरह फ्रेंच कॉमेडियन गैड एल्मालेह, जो आमतौर पर सियासी मज़ाक़ नहीं सुनाते, वो भी आजकल अपने शो में अमरीकी चुनाव पर चुटकुले सुना रहे हैं। क्योंकि आज इनकी भारी डिमांड है। ख़ास तौर से अपने अमरीकी टूर पर तो गैड, ट्रंप पर चुटकुले सुनाने के लिए मजबूर किए गए। अमरीकी टीवी शोज़ में गैड ने बहुत संजीदा होकर, अमरीकी चुनावों की चर्चा की और ऊटपटांग बयानबाज़ी का ख़ूब मज़ाक उड़ाया। गैड ने मशहूर अमरीकी टीवी प्रेज़ेंटर लैरी विलमोर से कहा कि अमरीकी चुनाव किसी गेम शो की तरह लग रहे हैं। जिसमें शामिल नेता, पब्लिक को महज़ फौरी तौर पर लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वो किसी तरह से ये गेम शो जीत जाएं। यूरोप के दूसरे कॉमेडियन्स, इन हालात के लिए अमरीकियों को ही ज़िम्मेदार बताते हैं। जर्मनी के मशहूर ह्यूट शो पर रोज़ाना डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से होने वाले ख़तरों के बारे में मज़ाक़िया ढंग से आगाह किया जाता है।
इस शो के होस्ट ओलिवर वेल्क ने तो डोनाल्ड ट्रंप की तुलना कार्टून किरदार डोनाल्ड डक से कर डाली। ओलिवर ने कहा कि जैसे ही मिडिल क्लास के लोग ग़रीबी का सामना करते हैं। वो सामान्य राजनेताओं की जगह, डोनाल्ड ट्रंप जैसे मसखरे को चुनने लग जाते हैं, ताकि किसी भी तरह से हालात बदलें। इससे होने वाले नुक़सान के बारे में लोग नहीं सोचते। ओलिवर ने अपने शो में संवाददाता उल्रिख वॉन हीसन के साथ इस बात पर भी चर्चा की कि डोनाल्ड के राज में अमेरिका कैसा होगा। दोनों ने कहा कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर अमेरिका में बाल उड़ने की बीमारी पर पाबंदी होगी। व्हाइट हाउस को शुद्ध सोने से बनाया जाएगा। दास प्रथा के लिए अमरीकी गोरे नहीं, वहां के काले लोग ही माफ़ी मांगेंगे। यहां तक कि दुनिया के पर्यावरण में आ रहे बदलाव को ट्रंप तुरंत रोक देंगे क्योंकि ख़ुद ग्लोबल वार्मिंग, ट्रंप से डरती है।
ओलिवर वेल्क ने अपने शो में डोनाल्ड ट्रंपको मूर्खता का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड तक दे डाला। क्योंकि उनके तमाम बयान उनकी बेवक़ूफ़ी को बख़ूबी बयां करते हैं। इसी तरह आयरलैंड की कॉमेडियन क्लीसेर ने फ़ेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसे उन्होंने अमेरिका के लिए आयरलैंड की चिट्ठी का नाम दिया था। इस वीडियो में क्लिसेर ने डोनाल्ड ट्रंप की तुलना एक ख़राब ब्वॉयफ्रैंड से की। उन्होंने ट्रंप को हिटलर जैसा भी बताया और कहा कि आजकल डोनाल्ड ट्रंप को देखकर जर्मन लोग डरे हुए हैं। ये वीडियो इतना पसंद किया गया कि अब तक इसे 48 लाख से भी ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है। इसमें अमेरिका के बिगड़ते हालात पर एक दोस्त की फ़िक्र दिखाई देती है।
क्लिसेर, अमरीकियों से अपील करती हैं कि डोनाल्ड ट्रंप आपके लिए ठीक नहीं। इसलिए उनको वोट मत देना। क्योंकि ट्रंप नस्लवादी हैं। वो हर उस बात के विरोधी हैं जिसके लिए अमेरिका को दुनिया में इतना मान मिला। डोनाल्ड ट्रंप की ऊटपटांग की बयानबाज़ी सबसे ज़्यादा पड़ोसी देश मेक्सिको के लोगों को निशाना बनाने वाली रही है। इसीलिए मेक्सिको में उनको लेकर काफ़ी फिक्र है। वहां एक नाटक तैयार किया गया है, ''सन ऑफ ट्रंप'' के नाम से। इसमें डोनाल्ड ट्रंप जैसे किरदार को मेक्सिको में डर का माहौल बनाते हुए दिखाया गया है। जिसमें कभी वो नेत्रहीनों से पैसे चुराते दिखाई देता है, तो कभी बेयरों पर पानी फेंकते। कभी वो कोकेन पीता है और कभी नपुंसकता का इलाज कराने के लिए परेशान होता दिखता है।
चीन भी डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का शिकार हुआ है। तो वहां भी ट्रंप पर तमाम मज़ाक़ चल पड़े हैं। ट्रंपने चीनियों को दुनिया के सबसे मूर्ख लोग कहा था। ट्रंपने ये भी कहा था कि चीन के लोग अमरीकियों की नौकरियां चुरा रहे हैं। चीन के मज़ाक़िया ब्लॉगर गु डा बाय हुआ ने ट्विटर जैसी चीनी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट वीबो पर ट्रंपका ख़ूब मज़ाक़ उड़ाया। इसमें ट्रंप के तमाम बयानों का एक मिलाजुला वीडियो पोस्ट किया गया था। ये वो बयान थे जिनमें ट्रंप ने चीन का नाम लिया था। फिर बाय हुआ ने इन बयानों के आधार पर डोनाल्ड ट्रंप का मज़ाक़ बनाया। ख़ास तौर से ट्रंप के बालों का।
इसी तरह चीनी नेटवर्किंग साइट वीबो पर एक और ब्लॉगर गुआनचिन सैम ने डोनाल्ड ट्रंप के हेडक्वार्टर का असली फ़ोन नंबर डाल दिया। साथ में ये विज्ञापन भी कि डोनाल्ड ट्रंप ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं जो मेक्सिको की सीमा पर एक ऊंची दीवार बनाने में उनकी मदद कर सकें। सैम ने लिखा कि अगर कोई चीनी कंपनी इस काम में दिलचस्पी लेना चाहे तो वो ट्रंप से संपर्क कर सकती है।
वैसे डोनाल्ड ट्रंप के मुक़ाबले उतरे उम्मीदवारों पर इतनी कॉमेडी नहीं हो रही। फिर चाहे हिलेरी क्लिंटन हों, बर्नी सैंडर्स या फिर टेड क्रूज़। वजह शायद ये है कि वो औसत नेताओं की तरह उबाऊ हैं। उन्होंने किसी और देश का अपमान नहीं किया है। वो ट्विटर पर ऊटपटांग की बातें नहीं लिखते हैं। किसी के ख़िलाफ़ बेहूदा बयानों से हमेशा नफ़रत ही नहीं पैदा होती। कभी-कभी ऐसे बयान मज़ाक़ और हंसी का सबब भी बनते हैं। ट्रंप पर दुनिया भर में हो रही कॉमेडी तो यही बताती है।