अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डाका प्रोग्राम बंद करने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। आईटी कंपनियों के बाद अब अमेरिकी राज्य भी ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को 15 राज्यों और कोलंबिया डिस्ट्रिक्ट ने डाका प्रोग्राम बंद करने की योजना के खिलाफ केस दर्ज कराया। आपको बता दें कि DACA के तहत अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले अप्रवासी बच्चों को देश में रहने की छूट मिलती थी।
अमेरिका के लिए डार्क टाइम
वॉशिंगटन स्टेट के एक अटॉर्नी जनरल ने ट्रंप सरकार द्वारा डाका प्रोग्राम को बंद करने के फैसले पर कहा कि यह हमारे देश के लिए एक डार्क टाइम है। खबरों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के खिलाफ यह मुकदमा न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले में दर्ज हुआ है। केस करने वाले 15 राज्यों में न्यूयॉर्क, मस्साचुसेट्स, वॉशिंगटन, कॉनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, आयोवा, न्यू मैक्सिको, नॉर्थ केरोलिना, ओरेगॉन, पेंसिल्वेनिया, रोड आइसलैंड, वर्मोंट और वर्जीनिया के साथ-साथ कोलंबिया डिस्ट्रिक्ट भी शामिल है।
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DACA प्रोग्राम पर ट्रंप और IT कंपनियां आमने-सामने
DACA प्रोग्राम पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के रोक लगाने के बाद दिग्गज कंपनियां एप्पल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट अपने कर्मचारियों के पक्ष में खड़ी हो गई हैं। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि वह अपने ड्रीमर्स की समानता के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ेंगें। कुक ने कहा, 'एप्पल में हमारे साथ काम करने वाले 250 ड्रीमर्स हैं। मैं उनके साथ हूं। वे सम्मान और समानता के अधिकारी हैं।'
माइक्रोसॉफ्ट में 39 ड्रीमर्स
वहीं माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसीडेंट और चीफ लीगल ऑफीसर ब्रैड स्मिथ ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि अगर कांग्रेस इस मामले का कोई हल नहीं निकाल पाएगी तो कंपनी अपने वर्कर्स के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी। स्मिथ ने यह भी कहा कि अगर सरकार किसी को निर्वासित करने का प्रयास करती है तो उनकी कंपनी संबंधित कंपनी को कानूनी और आर्थिक मदद मुहैया करायेगी। स्मिथ ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट में 39 ड्रीमर्स काम करते हैं।